राम और कृष्ण के बीच तुलना करने पर धीरेंद्र शास्त्री विवादों में
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के बयान पर राजनीतिक नेताओं और संतों ने किए तीखे प्रहार
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 3:30 · अपडेट सुबह 8:14 · 5 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान राम और श्रीकृष्ण के बीच तुलना करने वाले बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने एक कथा के दौरान भगवान राम को सीधा और श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि श्रीकृष्ण तीन जगहों से टेढ़े हैं और बांसुरी बजाना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन धनुष चलाना बड़ा काम है। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी गई है। सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि उन्होंने भगवान कृष्ण को राम से नीचा दिखाने का प्रयास किया है और कृष्ण के स्वरूप का मजाक उड़ाया है।
इस विवाद के कारण राजनीतिक क्षेत्र में भी भारी हंगामा मचा है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सनातनियों से सवाल किया कि वे क्यों चुप हैं जबकि एक बाबा भगवान कृष्ण का अपमान कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि पहले उन्होंने भगवान कृष्ण का अपमान किया है और अब ऐसा सुनने में आ रहा है कि उन्होंने भगवान श्रीराम के पिता के बारे में भी ऐसी बातें की हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के अपराध में धीरेंद्र शास्त्री के सभी कार्यक्रम रद्द किए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि सनातनियों के पास बुलडोजर है तो उन्हें पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री को भेजना चाहिए।
दूसरी ओर, बिहार के पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की। पप्पू यादव ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध रहा है और आरएसएस तथा भाजपा ने हमेशा ऐसे संदिग्ध व्यवहार वाले लोगों को प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने कथा करने वाले बाबाओं के लिए सख्त कानून और धर्म पर बोलने के लिए आदर्श आचार संहिता की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग पहले धर्मों के बीच विभाजन पैदा करते थे और अब धर्म के भीतर ही अलग-अलग धर्म बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे राजनेताओं और एक दल द्वारा बढ़ावा दिया जाता है।
कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने भी इस बयान की निंदा की है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि जो राम और कृष्ण को विभाजित करने की बात करे वह धार्मिक व्यक्ति नहीं हो सकता और समाज के हर वर्ग को इसकी निंदा करनी चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अब यह धर्मशास्त्री भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना कर रहे हैं? उन्होंने सवाल किया कि उन्हें प्रमोट करने वाला दल मौन क्यों है। रायबरेली में वकीलों ने भी इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। वकीलों ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस विवाद में संत समाज भी सक्रिय हो गया है। धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़े ने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण के बीच भेद करना सनातन परंपरा के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भगवान एक ही हैं और केवल लीला के अनुसार उनके स्वरूप बदलते हैं। व्यासपीठ से ऐसी तुलना करने से भक्तों में गलतफहमी फैलती है और वृंदावन का संत समाज इस बयान से दुखी है। महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज ने भी कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण के बीच मेरा-तेरा जैसा भेद करना गलत है क्योंकि ईश्वर एक ही है और वही ब्रह्म है।
विवाद बढ़ता देख धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने श्री ठाकुरजी (कृष्ण) को केवल भावनात्मक स्थिति में फटकार लगाई थी और कई लोगों ने इसका गलत अर्थ निकाला है। उन्होंने आगे कहा कि वह भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच भेद नहीं करना चाहते थे और वह स्वयं कृष्ण के भक्त हैं। यदि किसी को इससे दुख पहुँचा है तो वह क्षमा मांगते हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए कहा कि उनका कृष्ण से क्या लेना-देना है और उन्हें कृष्ण के दर्शन के लिए मथुरा जाना चाहिए।
हालांकि, विश्व हिंदू परिषद और एनडीए के कुछ घटक दलों के नेताओं ने धीरेंद्र शास्त्री का बचाव भी किया है।
धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के रूप में जाने जाते हैं और एक चर्चित हिंदू धर्मगुरु हैं।
खरीफ फसल के नुकसान और धीमी खरीद के कारण रबी की बुवाई के लिए किसान संघर्ष कर रहे हैं
फसल उत्पादन में गिरावट और बाजार में ऊंचे भाव के कारण व्यापारी खरीद में देरी कर रहे हैं
MPSC ગ્રુપ-સી પરીક્ષા માટે ૧૬,૦૦૦થી વધુ જગ્યાઓ અને વય મર્યાદામાં છૂટછાટની ભલામણ
રાજ્ય સરકાર દ્વારા નિયુક્ત ઉચ્ચ સ્તરીય સમિતિએ વહીવટી સુધારા માટે વચગાળાનો અહેવાલ રજૂ કર્યો
महाराष्ट्र सरकार द्वारा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए ₹160 करोड़ का आवंटन
विकसित महाराष्ट्र 2047 अभियान के तहत कातकरी, कोलम, माडिया और पारधी समुदायों के लिए विशेष पैकेज घोषित