जूनागढ़ सिविल अस्पताल में दिव्यांग महिला की उपेक्षा, जमीन पर रेंगने को मजबूर
अस्पताल में उपकरण होने के बावजूद सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, शाम 4:09 · अपडेट शाम 6:14 · 1 मिनट का पाठ
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जूनागढ़ के सिविल अस्पताल में एक दिव्यांग महिला के प्रति गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। संदेश की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर या व्हीलचेयर जैसी प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद, एक अशक्त महिला को ये सुविधाएं प्रदान नहीं की गईं। जिसके कारण वह लाचार होकर जमीन पर रेंगते हुए आगे बढ़ने को मजबूर हुई।
इस घटना के दौरान अस्पताल के सुरक्षा गार्ड वहां मौजूद थे, लेकिन उन्होंने महिला की मदद करने के बजाय केवल तमाशा देखा। अस्पताल कर्मचारियों की इस असंवेदनशीलता का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किया गया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इन दृश्यों को देखकर आम नागरिकों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी रोष और आक्रोश देखा जा रहा है।
वीडियो वायरल होने और आलोचनाएं बढ़ने के बाद अस्पताल का प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हुआ है। संदेश की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के अधीक्षक द्वारा इस मामले का गंभीर संज्ञान लिया गया है। उन्होंने दोषी कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
सरकारी अस्पतालों में पहले भी स्ट्रेचर या व्हीलचेयर न मिलने के कारण मरीजों की दयनीय स्थिति होने के कई मामले सामने आए हैं। इस घटना के बाद अब यह देखना होगा कि प्रशासन द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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