ज्युबिली शनिदेव मंदिर में काली चौदस और शनिवार के संयोग पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
काशी के लोगों द्वारा स्थापित प्राचीन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, दोपहर 1:37 · 1 मिनट का पाठ
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राजकोट में वर्ष २०२६ में काली चौदस और शनिवार एक ही दिन आने पर आध्यात्मिक दृष्टि से दुर्लभ संयोग बना था। इस अवसर पर राजकोट के प्रसिद्ध और प्राचीन ज्युबिली शनिदेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। राजकोट के अलावा राज्य के अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में भक्त शनिदेव के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे थे।
इस दिन माता काली, भगवान हनुमान और शनिदेव की विशेष पूजा का महत्व माना जाता है। भक्तों ने नकारात्मक विचारों को दूर करने, अच्छे कार्य करने और दिव्य ऊर्जा प्राप्त करने का संकल्प लिया था। हनुमान चालीसा के पाठ और शनि मंत्रों के जाप से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया था।
मंदिर के पुजारी रमेशभाई त्रिवेदी, जो पिछले १९ वर्षों से सेवा दे रहे हैं, उन्होंने बताया कि काली चौदस के दिन शनिदेव की पूजा करना अत्यंत फलदायी है। उन्होंने जोड़ा कि इस दिन भगवान हनुमान और काल भैरव की उपासना करने से भक्तों के सभी दुःख और पीड़ाएं दूर होती हैं।
संदेश की रिपोर्ट के अनुसार, यह शनिदेव मंदिर अत्यंत प्राचीन है और इसकी स्थापना काशी के लोगों द्वारा की गई थी, जो इसकी महानता में वृद्धि करती है। ऐसी श्रद्धा है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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