अहमदाबाद नगर निगम द्वारा तोड़फोड़ के लिए सख्त नियम और जुर्माने की तैयारी
500 वर्ग मीटर से अधिक निर्माण वाली संरचनाओं के लिए पहले से अनुमति लेना होगा अनिवार्य
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 2:27 · अपडेट दोपहर 2:14 · 4 मिनट का पाठ
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अहमदाबाद नगर निगम ने शहर में निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियमों और दंड के प्रावधानों के साथ नए ड्राफ्ट तैयार किए हैं। इन नए नियमों के तहत, यदि कोई निर्माण या संरचना 500 वर्ग मीटर से अधिक का बिल्ट-अप एरिया रखती है, तो उसके तोड़फोड़ कार्य के लिए कम से कम एक सप्ताह पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ काम रोकने के आदेश (स्टॉप-वर्क ऑर्डर) और जुर्माने की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच, अहमदाबाद के एसवीपी (SVP) अस्पताल में सरकारी योजना के उपकरणों की चोरी और घोटाले का एक गंभीर मामला सामने आया है। यह खुलासा हुआ है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए आवंटित सर्जिकल उपकरणों की कालाबाजारी की जा रही है। इस घोटाले में लगभग ₹39.78 लाख मूल्य के सर्जिकल उपकरण अस्पताल से बार-बार बेचे जाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
संदेश की रिपोर्ट के अनुसार, यह अनियमितता अस्पताल के उच्च अधिकारियों की जानकारी के बिना बहुत चतुराई से की गई है। इस घोटाले में अस्पताल के लगभग 8 डॉक्टर सीधे तौर पर संदेह के घेरे में आए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मरीजों के नाम या अन्य व्यक्तियों के पहचान पत्रों का अवैध रूप से उपयोग करके ये उपकरण प्राप्त किए गए थे। एक डॉक्टर ने आधिकारिक तौर पर 90 सर्जिकल ड्रेप जारी करने की बात भी कबूल की है, जिससे इस घोटाले की जड़ें और गहरी होने की आशंका है।
दूसरी ओर, दिवाली के त्योहारों को देखते हुए अहमदाबाद नगर निगम के स्वास्थ्य और खाद्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए बड़ी कार्रवाई की है। डैशगुजरात की रिपोर्ट के अनुसार, मधपुरा में गंज बाजार के सामने स्थित 'गायत्री चवाणू मार्ट' और सरखेज में उजाला सर्कल के पास गोपाल कॉम्प्लेक्स में स्थित 'सौराष्ट्र भजिया एंड गांठिया' प्रतिष्ठान को सील कर दिया गया है। जांच के दौरान सौराष्ट्र भजिया एंड गांठिया में उपयोग किए जाने वाले तेल का टोटल पोलर कंपाउंड्स (TPC) का स्तर 25% की सीमा से अधिक पाया गया। इस फर्म के पास FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण नहीं था और इस्तेमाल किए गए तेल के निपटान के लिए किसी अधिकृत एजेंसी के साथ कोई अनुबंध भी नहीं किया गया था। इसके अलावा, वहां काम करने वाले कर्मचारी कैप, एप्रन, मास्क और ग्लव्स जैसे सुरक्षा उपकरण नहीं पहनते थे। गायत्री चवाणू मार्ट में भी बिना FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण के काम किया जा रहा था और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
इसके अलावा, बनासकांठा के पालनपुर में भी खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। टीवी9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, वडगाम के शेरपुरा हाईवे पर स्थित सुपर नमकीन फर्म में जांच के दौरान अस्वास्थ्यकर स्थिति में नमकीन बनाते हुए पकड़ा गया। वहां 70 किलो जला हुआ तेल और 115 किलो अस्वास्थ्यकर नमकीन (लाल सेव, चवाणू, पापड़ी और रतलामी सेव) मिली, जिसके बाद कुल 185 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दी गई। जब्त किए गए इस माल की कीमत लगभग ₹24,300 थी। इस फर्म के पास आवश्यक पंजीकरण भी नहीं था और नमकीन के नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
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