रनवे पर पटाखे फोड़ने के कारण राजकोट एयरपोर्ट डायरेक्टर को पद से हटाया गया
मात्र 24 दिनों में लिया गया निर्णय, घटना के कारण एयर इंडिया की फ्लाइट डायवर्ट करनी पड़ी थी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 8:41 · 4 मिनट का पाठ
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राजकोट एयरपोर्ट पर पक्षियों को उड़ाने के उद्देश्य से रनवे पर पटाखे फोड़ने की घटना सामने आई है, जिसके कारण वहां आग लग गई थी। इस गंभीर चूक के लिए एयरपोर्ट डायरेक्टर धनंजयकुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। टीवी9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, धनंजयकुमार सिंह को इस पद पर नियुक्त होने के मात्र 24 दिनों के भीतर ही हटा दिया गया है।
घटना के विवरण के अनुसार, एयरपोर्ट के रनवे से पक्षियों को हटाने के लिए पटाखे फोड़े गए थे। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान अचानक आग लगने की घटना घटित हुई। इस आग और उसके कारण पैदा हुई अस्थिरता से एयरपोर्ट की सुरक्षा और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। इस घटना का प्रभाव इतना बड़ा था कि राजकोट आने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट को सुरक्षा कारणों से वडोदरा डायवर्ट करना पड़ा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस एयर इंडिया की फ्लाइट को वडोदरा डायवर्ट किया गया था, उसमें एविएशन ऑफ इंडिया के सचिव भी सवार थे। उच्च अधिकारी की उपस्थिति में ऐसी घटना होने और विमान का रूट बदलना पड़ने से प्रशासनिक तंत्र में खलबली मच गई थी। 28 अक्टूबर को दिल्ली से राजकोट आ रही इस फ्लाइट के डायवर्ट होने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की क्षमता पर कई सवाल उठे थे।
रनवे पर पटाखे फोड़ने जैसी लापरवाही के कारण उड़ान सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए और उच्च स्तरीय जांच के बाद, अंततः एयरपोर्ट डायरेक्टर धनंजयकुमार सिंह को पद से हटाने का कड़ा निर्णय लिया गया है। 24 दिनों की अल्प अवधि में डायरेक्टर को हटाना यह दर्शाता है कि अधिकारियों ने इस घटना को अत्यंत गंभीर माना है।
एयरपोर्ट पर पक्षियों का उपद्रव कम करने के लिए पटाखों का उपयोग करना एक जोखिम भरा कदम था, जो अंततः आग में बदल गया। इस घटना ने एयरपोर्ट के ऑपरेशनल प्रोटोकॉल पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। विशेष रूप से जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एयरपोर्ट सुरक्षा के कड़े नियम हों, तब रनवे पर ऐसी गतिविधि करना प्रशासनिक विफलता माना गया है।
टीवी9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद एयरपोर्ट के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो चर्चा शुरू हुई थी, उसका परिणाम डायरेक्टर की बर्खास्तगी के रूप में आया है। 28 अक्टूबर की घटना के कुछ ही दिनों में यह कार्रवाई की गई है, जिसे एयरपोर्ट के प्रशासन में सुधार और जवाबदेही तय करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
राजकोट एयरपोर्ट की इस घटना ने विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के महत्व को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। रनवे पर किसी भी प्रकार की अग्नि-संबंधित गतिविधि विमान की उड़ान और लैंडिंग के लिए घातक साबित हो सकती है। इस मामले में फ्लाइट डायवर्ट करनी पड़ी, जिससे यात्रियों और एविएशन सचिव की यात्रा में व्यवधान आया, जो प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ी गलती साबित हुई।
इस प्रकार, पक्षियों को उड़ाने के प्रयास में पटाखे फोड़ने और उसके कारण आग लगने तथा महत्वपूर्ण फ्लाइट को डायवर्ट करना पड़ा, इन सभी कारणों से धनंजयकुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। इस निर्णय के माध्यम से एयरपोर्ट प्रशासन में अनुशासन लाने का प्रयास किया गया है।
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