धोलेरा SIR में ₹438.74 करोड़ के खर्च से 220 करोड़ लीटर पानी के जलाशय का निर्माण होगा
औद्योगिक विकास और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस परियोजना को लागू किया जाएगा।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, सुबह 1:27 · 2 मिनट का पाठ
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धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (DSIR) में भविष्य के औद्योगिक और तकनीकी विकास को समर्थन देने के लिए पानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। DeshGujarat की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में ₹438.74 करोड़ के अनुमानित खर्च से 2,200 मिलियन लीटर यानी 220 करोड़ लीटर क्षमता वाला कच्चे पानी का जलाशय और पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा।
यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) आधार पर लागू की जाएगी। इस कार्य में जलाशय और उससे जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का डिजाइनिंग, निर्माण, संचालन और रखरखाव शामिल है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹438,74,58,421 निर्धारित की गई है। ठेकेदार को यह निर्माण कार्य 18 महीने के भीतर पूरा करना होगा।
परियोजना के लागत विभाजन के अनुसार, जलाशय के निर्माण के लिए सबसे बड़ा हिस्सा यानी 70.95% खर्च आवंटित किया गया है। साइट डेवलपमेंट के लिए 11.20%, पंपिंग स्टेशन के लिए 7.35% और राइजिंग मेन, पाइपलाइन नेटवर्क तथा ऑटोमेशन सिस्टम के लिए 4.50% खर्च निर्धारित है। शेष खर्च टेस्टिंग, कमीशनिंग और आवश्यक दस्तावेजीकरण के लिए उपयोग किया जाएगा।
इस परियोजना में जलाशय के साथ कच्चे पानी का पंपिंग स्टेशन, राइजिंग मेन, पाइपलाइन नेटवर्क और उन्नत ऑटोमेशन तथा कंट्रोल सिस्टम का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा साइट डेवलपमेंट और टेस्टिंग के साथ-साथ कमीशनिंग के कार्य भी शामिल हैं।
धोलेरा में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर डेटा सेंटरों जैसे उद्योग विकसित हो रहे हैं। इस प्रकार के प्रौद्योगिकी-सघन उद्योगों, विशेष रूप से डेटा सेंटरों को कूलिंग कार्यों के लिए निरंतर और बड़े पैमाने पर पानी की आपूर्ति की आवश्यकता होती है। 220 करोड़ लीटर की यह भंडारण क्षमता पानी की सुरक्षा बढ़ाएगी और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के दौरान पानी की कमी के विरुद्ध बफर के रूप में काम करेगी।
ठेकेदार के लिए केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि आगामी पांच वर्षों तक जलाशय का संचालन और रखरखाव करने की भी जिम्मेदारी होगी। यदि इस पांच साल की अवधि के दौरान कोई खामियां पाई जाती हैं, तो अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार भुगतान में कटौती की जाएगी।
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