बच्चों की सुरक्षा और एल्गोरिद्मिक पारदर्शिता के लिए सोशल मीडिया कंपनियां हों जवाबदेह
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे जोखिमों के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने की मांग की
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, शाम 6:08 · 2 मिनट का पाठ
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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से अपनी सामग्री की जिम्मेदारी लेने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया। नई दिल्ली में सेमीकॉन 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल के लॉन्चिंग अवसर पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए और एल्गोरिद्मिक पारदर्शिता के मानकों को सुनिश्चित करना चाहिए।
मंत्री वैष्णव ने जोर देकर कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का परिदृश्य अब बदल गया है। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म्स को समाज को गंभीर ऑनलाइन नुकसान से बचाने के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहिए, जिसमें विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी धोखाधड़ी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए बच्चों की सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और नागरिकों को होने वाले अन्य नुकसानों की जिम्मेदारी लेना अनिवार्य है।
उन्होंने आगे कहा, "अतीत की तुलना में, उन्हें अब यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए कि हमारा समाज सुरक्षित रहे।" मंत्री ने इस मामले में सोशल मीडिया कंपनियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
नागरिकों की शिकायतों के निवारण के बारे में बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने उल्लेख किया कि वर्तमान में यदि किसी प्लेटफॉर्म की सामग्री से किसी नागरिक को गंभीर नुकसान होता है, तो उनके पास केवल अदालत या पुलिस से संपर्क करने का विकल्प होता है। उन्होंने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की और मांग की कि प्लेटफॉर्म्स पर नागरिकों को अपनी आवाज उठाने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, "यदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ ऐसा है जो नागरिकों को गंभीर नुकसान पहुँचाता है, तो नागरिकों के पास केवल अदालत जाने या पुलिस के पास जाने के ही उपाय हैं। एक अच्छी और बहुत प्रभावी पद्धति होनी चाहिए जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतों के निवारण के लिए सीधे आवाज उठा सकें।"
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, अश्विनी वैष्णव केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री होने के साथ-साथ सूचना और प्रसारण (I&B) मंत्री के रूप में भी कार्यरत हैं। उन्होंने इस अवसर पर डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया और टेक कंपनियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया।
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