ओखा में आईसीजीएस अजीत का आगमन, गुजरात के तट पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत
नया फास्ट पेट्रोल वेसल अरब सागर में निगरानी और बचाव कार्यों को गति देगा
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 2:38 · 3 मिनट का पाठ
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भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात के तट पर अपनी सुरक्षा क्षमताओं में बड़ा इजाफा किया है। देशगुजरात की रिपोर्ट के अनुसार, 3 नवंबर को आईसीजीएस अजीत ओखा बंदरगाह पर पहुंच गया है। इस नए फास्ट पेट्रोल वेसल (एफपीवी) को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ओखा बंदरगाह पर तैनात किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य अरब सागर में निगरानी, समुद्री सुरक्षा और खोज तथा बचाव कार्यों को और सघन बनाना है।
यह जहाज गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित आठ आदम्य-क्लास फास्ट पेट्रोल वेसल में से सातवां जहाज है। यह जहाज अत्याधुनिक नेविगेशन, कम्युनिकेशन और सर्विलांस सिस्टम से लैस है। एफपीवी होने के कारण यह ऑफशोर पेट्रोल वेसल की तुलना में अधिक तेजी से प्रतिक्रिया देने और समुद्री क्षेत्र में आसानी से आवाजाही करने में सक्षम है। यह मछली पकड़ने की गतिविधियों पर नजर रखने, तस्करी रोकने और ऑफशोर संपत्तियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस बीच, पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, 3 नवंबर, 2026 को श्रीलंका के मिरिसा में भारतीय तटरक्षक बल और श्रीलंका के तटीय बल के बीच 9वीं उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने किया, जबकि श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रियर एडमिरल रुवान रूपसेना ने किया। इस बैठक में समुद्री प्रदूषण, खोज और बचाव कार्यों तथा समुद्री कानून के कार्यान्वयन जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित और स्वच्छ समुद्री वातावरण बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
एक अन्य घटना में, द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, कोलाचेल और मुट्टम तट पर मछुआरों पर हुए हमलों के बाद केरल सरकार ने सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है। मछुआरों ने इस क्षेत्र में लगातार तटरक्षक बल की गश्त की मांग की है। मंत्री शिबू बेबी जॉन ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरों की सुरक्षा के लिए सख्त प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाएगी। प्रभावित मछुआरों को मुआवजा देने पर भी सरकार विचार कर रही है। कोल्लम और कन्याकुमारी के जिला कलेक्टरों को इस मामले में संयुक्त जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारतीय तटरक्षक बल भारत का एक सशस्त्र बल, खोज और बचाव एजेंसी है जो भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा और समुद्री कानून के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
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