अहमदाबाद की नटराज हाई स्कूल में 318 विद्यार्थी परीक्षा में अनुपस्थित मिलने पर DEO ने नोटिस दिया
ओढव स्थित स्कूल में डमी एडमिशन का संदेह होने पर शिक्षा विभाग ने 11 नवंबर को सुनवाई बुलाई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 7:08 · अपडेट शाम 6:16 · 5 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
अहमदाबाद के ओढव क्षेत्र में स्थित नटराज हाई स्कूल में परीक्षा के दौरान कक्षा 9 से 12 के 318 विद्यार्थी अनुपस्थित पाए गए हैं। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा स्कूल को नोटिस थमाया गया है। शिक्षा विभाग को संदेह है कि ये विद्यार्थी 'डमी' यानी गलत प्रवेश वाले हो सकते हैं। इस मामले में स्पष्टीकरण मांगते हुए DEO ने स्कूल के संचालकों को 11 नवंबर को सुनवाई के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
TV9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा की गई जांच में यह विवरण सामने आया था। जब स्कूल को अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की पूरी सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, तब स्कूल यह जानकारी प्रस्तुत करने में विफल रहा था। इस बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने संदिग्ध डमी एडमिशन के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आगामी सुनवाई के दौरान स्कूल में चलने वाली कक्षाओं की संख्या में कमी करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। स्कूल संचालकों को इस प्रक्रिया के लिए सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
नटराज हाई स्कूल केवल विद्यार्थियों के एडमिशन के मामले में ही नहीं, बल्कि अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के लिए भी चर्चा में है। TV9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल में काम करने वाले शिक्षकों के वेतन के मामले में भी बड़ी अनियमितता देखी गई है। स्कूल में नौकरी कर रहे कुछ कर्मचारियों के 5 वर्ष पूरे हो जाने के बावजूद उनकी वेतन फाइल ही जमा नहीं की गई थी। इसके अलावा, 6 कर्मचारियों के उच्चतर वेतनमान का प्रस्ताव भी जमा नहीं किया गया था। जानकारी उपलब्ध न करा पाने के कारण ये कर्मचारी मिलने वाले आर्थिक लाभ से वंचित रहे थे। उल्लेखनीय है कि यह स्कूल पहले भी नियमों के उल्लंघन को लेकर विवादों में आ चुका है।
अहमदाबाद में शैक्षिक नियमों के उल्लंघन के एक अन्य मामले में मणिनगर की ग्रेशियस स्कूल के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। संदेश की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्कूल को कांकरिया क्षेत्र से बिना किसी प्रकार की आधिकारिक या औपचारिक अनुमति के अवैध रूप से मणिनगर में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस अनियमितता की जांच के लिए DEO द्वारा पांच सदस्यों की विशेष जांच समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर नियम उल्लंघन साबित होने के बाद, DEO ने कक्षा 1 से 4 की मान्यता रद्द करने के लिए आधिकारिक सिफारिश राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक को भेज दी है।
शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही के अन्य मामले उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की घटना में भी सामने आए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कनाइला गांव के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में कक्षा 4 के 11 वर्षीय अरशद अहमद की हाई-टेंशन वायर के संपर्क में आने से मृत्यु हो गई थी। यह घटना सोमवार सुबह लगभग 9 बजे हुई थी जब बच्चे को मध्याह्न भोजन के लिए स्कूल के टेरेस से लौकी तोड़ने भेजा गया था। इस दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस द्वारा इस मामले में कार्यवाहक प्रधानाचार्य विजय शंकर, सहायक शिक्षक अनिल कुमार और शिक्षक मित्र दीपचंद्र राम को गिरफ्तार किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने लापरवाही के लिए प्रधानाचार्य और शिक्षक को निलंबित कर दिया है और शिक्षक मित्र की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले में अरशद के भाई सलमान की शिकायत पर पुलिस द्वारा प्रधानाचार्य, शिक्षक और विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
नूह जिले के सरकारी स्कूलों में भी गंभीर खामियां देखी गई हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 70 सरकारी स्कूलों की जांच में पता चला है कि कई विद्यार्थियों के नाम सरकारी रजिस्टर में हैं लेकिन वे वास्तव में मदरसा में पढ़ रहे हैं। कागजों पर डेढ़ लाख विद्यार्थी उपस्थित दिखाए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में वे स्कूल नहीं जाते हैं। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जैसे कि टूटे हुए फर्श, सीलन भरी दीवारें, जर्जर छत और पीने के पानी की समस्या। कुछ मामलों में तो पोर्टल पर विद्यार्थियों की उपस्थिति 70 से 80 प्रतिशत दिखाई जाती है, जबकि कक्षा में आधे भी विद्यार्थी नहीं होते हैं।
इस समाचार का स्रोत
कोई ग़लती दिखी? हमें बताएँડીસા પોલીસે લૂંટાયેલા ૨૭.૪૪ લાખના ચાંદીના દાગીના શોધી માલિકને પરત કર્યા
બનાસકાંઠા LCBએ ચાર આરોપીઓની ધરપકડ કરી લૂંટમાં વપરાયેલી અલ્ટ્રોઝ કાર જપ્ત કરી
અમદાવાદમાં રામાયણ ફિલ્મની ટિકિટના ભાવ ₹૨,૬૦૦ સુધી પહોંચ્યા
પીવીઆર પેલેડિયમ મોલના પ્રીમિયમ આઈમેક્સ ૩ડી શોમાં ટિકિટોના ભાવમાં મોટો ઉછાળો આવ્યો છે
पंडोली गांव के तालाब में मछलियों को चारा डालने गए दो व्यक्ति डूबे
पेटलाद तालुका के इस क्षेत्र में फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम द्वारा खोजबीन शुरू