तेलंगाना में 117 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द, नशीली दवाओं की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई
राज्यभर में ड्रग्स विंग द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान में नियमों के उल्लंघन के कारण ये सख्त कदम उठाए गए हैं।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, शाम 7:46 · अपडेट शाम 7:52 · 2 मिनट का पाठ
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तेलंगाना में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। 'द हिंदू' की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (TG SAFE) ने राज्यभर के 117 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया है। इन सभी दुकानों पर साइकोट्रोपिक पदार्थों के साथ-साथ शेड्यूल एच और एच1 श्रेणी की दवाओं की बिक्री के नियमों के उल्लंघन का आरोप है।
इस कार्रवाई का मुख्य कारण 24 अक्टूबर को चलाया गया एक विशेष जांच अभियान है। ड्रग्स विंग के अधिकारियों और पुलिस की एनफोर्समेंट विंग के जवानों की संयुक्त टीम ने राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित मेडिकल दुकानों पर छापेमारी की थी। इस जांच के दौरान ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और उसके तहत नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। कुल 121 इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें 117 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 4 दुकानों को चेतावनी दी गई है।
निलंबित की गई 117 दुकानों में से 84 दुकानों को अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है, जबकि 33 दुकानों को एक निश्चित अवधि के लिए निलंबित किया गया है। TG SAFE ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और डायवर्जन को रोकने के लिए की गई है। अथॉरिटी ने सभी केमिस्ट और ड्रगिस्ट को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर) द्वारा दिए गए वैध प्रिस्क्रिप्शन के बिना किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं की बिक्री न करें। इसके अलावा, पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं की बिक्री न करने के लिए भी आग्रह किया गया है।
TG SAFE तेलंगाना में खाद्य सुरक्षा और आवश्यक दवाओं के विनियमन के लिए कार्यरत सरकारी संस्था है। यह संस्था राज्य में दवाओं की बिक्री, गुणवत्ता और उनके वितरण की निगरानी की जिम्मेदारी निभाती है। अतीत में भी इस संस्था द्वारा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के कार्यान्वयन के लिए विभिन्न अभियान चलाए गए थे, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित और प्रमाणित दवाएं मिलना सुनिश्चित करना रहा है। इस हालिया कार्रवाई को राज्य में अवैध दवाओं के व्यापार पर लगाम लगाने के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
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