प्रधानमंत्री मोदी बनास डेयरी के ₹407.56 करोड़ के प्रोजेक्ट्स और फ्रेंच फ्राइज प्लांट का लोकार्पण करेंगे
भीलडी में ₹324.77 करोड़ की लागत से ब्रीडिंग सेंटर और सणादर में फ्रेंच फ्राइज प्लांट की क्षमता बढ़ाने का निर्णय
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:28 · 7 मिनट का पाठ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गुजरात के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान 30 और 31 अक्टूबर को बनास डेयरी के लिए कुल ₹407.56 करोड़ के तीन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुसंधान प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण करने के लिए तैयार हैं। इन प्रोजेक्ट्स से बनासकांठा जिले के सहकारी क्षेत्र, कृषि और पशुपालन क्षेत्र में बड़ी प्रगति होगी। ये महत्वपूर्ण कार्यक्रम बनासकांठा जिले के भीलडी से आयोजित किए जाएंगे।
इन प्रोजेक्ट्स में सबसे मुख्य प्रोजेक्ट भीलडी में निर्मित 'भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर' है। यह केंद्र 127 एकड़ के कैंपस में ₹324.77 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह केंद्र आनुवंशिक प्रगति और पशु संवर्धन के लिए एक समर्पित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में सेवा देगा। इस प्रोजेक्ट को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) द्वारा तकनीकी सहायता दी गई थी। इसके अलावा, केंद्रीय सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत ₹38.83 करोड़ की मंजूरी दी गई थी, जिसमें दान देने वाले जानवरों के लिए विशेष ₹2 करोड़ आवंटित किए गए थे। इस सुविधा को एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड योजना के तहत मंजूरी दी गई थी और नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री वाव-थराद जिले के दियोदर तालुका के सणादर में अपग्रेड किए गए फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। ₹51.65 करोड़ की लागत से विकसित किए गए इस प्लांट में अप्रैल 2026 में विस्तार का कार्य शुरू किया गया था, ताकि इसकी उत्पादन क्षमता प्रति घंटा 2 टन से बढ़ाकर 5 टन की जा सके। इस विस्तार से आलू की प्रोसेसिंग को गति मिलेगी और स्थानीय आलू उत्पादकों को बेहतर दाम एवं बाजार के नए अवसर प्राप्त होंगे। बनासकांठा आलू के उत्पादन में अग्रणी जिला है। पिछले 25 वर्षों में प्रोसेसिंग-ग्रेड आलू की खेती के तहत क्षेत्रफल लगभग 400 हेक्टेयर से बढ़कर 61,016 हेक्टेयर हो गया है। वर्ष 2024-25 में जिले में लगभग 18.7 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ था, जबकि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता लगभग 30 टन रही थी। उपजाऊ जमीन और अनुकूल जलवायु के कारण यह क्षेत्र चिप-ग्रेड और फ्रेंच फ्राई-ग्रेड आलू के लिए आदर्श है। उल्लेखनीय है कि बनास डेयरी ने वर्ष 2019 में अमूल ब्रांड के तहत फ्रेंच फ्राइज सेगमेंट में प्रवेश किया था। आलू की प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाले जैविक कचरे का उपयोग बायोगैस के लिए होता है और बचे हुए अवशेषों का खेती में पुन: उपयोग किया जाता है। बनास डेयरी टेस्ट-ट्यूब प्लांटलेट डेवलपमेंट, खेत के बीज फसल उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज और अंतिम रिटेल डिलीवरी तक की पूरी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला रखती है, जो इसे भारत की ऐसी पद्धति वाली एकमात्र सहकारी संस्था बनाती है।
डेयरी सप्लाई चेन में लॉजिस्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री पालनपुर में ₹31.14 करोड़ की लागत से निर्मित 'ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम' का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध उत्पादों की कुशल हैंडलिंग, भंडारण और डिस्पैच के लिए डिजाइन की गई इस पूरी तरह स्वचालित वेयरहाउसिंग सिस्टम में नौ-स्तरीय स्टील रैक हैं, जो 11,000 पैलेट्स रखने की क्षमता रखते हैं। बनास डेयरी द्वारा इन-हाउस विकसित यह हाई-स्पीड और ट्रेसेबल लॉजिस्टिक्स मॉडल ऑपरेशनल खर्च घटाता है, जिसका सीधा लाभ डेयरी से जुड़े 4.18 लाख दूध उत्पादकों को मिलता है।
क्लीन एनर्जी क्षेत्र में भी विस्तार बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री भीलडी से थराद और राधनपुर में दो नए बायो-सीएनजी प्लांट के निर्माण की आधारशिला वर्चुअल रूप से रखेंगे। डेयरी द्वारा वर्तमान में चार प्लांट चलाए जाते हैं जो पशुओं के गोबर से वाहन ईंधन और जैविक खाद बनाते हैं। नए थराद प्लांट की दैनिक क्षमता 75 मीट्रिक टन गाय का गोबर प्रोसेस करने की होगी, जबकि राधनपुर प्लांट प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन प्रोसेस करेगा। इन सुविधाओं का उद्देश्य ग्रीन एनर्जी उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों के लिए खेती के कचरे से आय का स्थिर स्रोत बनाना है।
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और बनास डेयरी के चेयरमैन शंकरभाई चौधरी, डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी जैसे अग्रणी राज्य के नेता मौजूद रहेंगे। सहकारी डेयरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन डॉ. मिनेश शाह, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, गुजरात के सहयोगी दूध यूनियनों की नेतृत्व टीमें और बनास डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर संग्राम चौधरी के साथ बनासकांठा जिले के हजारों स्थानीय दूध उत्पादक भी मौजूद रहेंगे।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नर्मदा जिले के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन के लिए भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण करेंगे। 30 और 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में पर्यटन और इको-टूरिज्म क्षेत्र के नए प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। लिंडी गांव में 'ट्रेल ऑफ यूनाइटेड इंडिया' नाम का 2.62 किमी लंबा फॉरेस्ट इको-ट्रेल विकसित किया गया है, जिसमें वन्यजीवन, युवा, महिला सशक्तिकरण, विरासत और आध्यात्मिकता जैसे पांच थीमेटिक जोन हैं। इस ट्रेल में गैजेबो, बायो-टॉयलेट्स, पीने के पानी के स्टेशन, बांस का वॉचटावर, पत्थर की सीटें, पार्किंग और इंफॉर्मेशन सेंटर जैसी सुविधाएं हैं।
प्रधानमंत्री गोरा ब्रिज के पास नए 'रेन फॉरेस्ट' प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण करेंगे, जो ₹9.49 करोड़ की लागत से 47,000 वर्ग मीटर में बनाया गया है। यह प्रोजेक्ट पश्चिमी घाट, हिमालय और अंडमान और निकोबार द्वीपों के सदाबहार वर्षा वन इकोसिस्टम की प्रतिकृति बनाता है। इसकी मुख्य विशेषता 220 मीटर लंबा ग्लास-डेक स्काईवॉक ब्रिज है। इसमें 5 से 8 मीटर ऊंचे झरने, वर्तुलाकार तालाब, चलने के रास्ते, प्राकृतिक पत्थर का प्रवेश द्वार, QR कोड के साथ एजुकेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर और बच्चों के लिए पत्थर की दीवार के साथ प्ले एरिया भी है। इसके अलावा, सरदार सरोवर बांध क्षेत्र के पास 'एकता क्रूज' सेवा भी शुरू की जाएगी, जो पर्यटकों को नदी के माध्यम से प्राकृतिक दृश्य देखने का मौका देगी।
30 अक्टूबर की शाम प्रधानमंत्री डैम व्यू पॉइंट-1 पर 'आनंद मठ' पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। 31 अक्टूबर को वे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की यात्रा करके सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देंगे, पदपूजा करेंगे और राष्ट्रीय एकता की शपथ लेंगे। इस आयोजन का समापन 'राष्ट्रीय एकता परेड-2026' के साथ होगा, जिसमें 19 मार्चिंग कंटिजेंट्स, पुलिस बैंड, मोटरसाइकिल डिस्प्ले टीम्स, सांस्कृतिक टैब्लो और NCC कैडेट्स शामिल होंगे। इस परेड का एक मुख्य आकर्षण एंटी-नक्सल ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित 45 कुत्तों की यूनिट होगी।
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