दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक के खिलाफ एफआईआर रद्द की
विदेशी निवेश और फंड के खर्च से जुड़े आरोपों में धोखाधड़ी साबित नहीं हुई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:55 · 1 मिनट का पाठ
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दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्था के खिलाफ दर्ज एफआईआर और ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द कर दिया है। अदालत ने यह निर्धारित किया है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), शेयरों के मूल्यांकन और फंड के खर्च से संबंधित आरोपों में धोखाधड़ी या आपराधिक विश्वासघात जैसे अपराधों के सबूत नहीं मिलते हैं।
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने 29 मई को यह फैसला सुनाया था। उन्होंने टिप्पणी की कि यदि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को उनके मूल रूप में स्वीकार कर लिया जाए, तब भी अपराध के आवश्यक तत्व पूरे नहीं होते हैं। इन कारणों से अदालत ने इस मामले को रद्द करने का निर्णय लिया है।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, यह एफआईआर 26 अगस्त, 2020 को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई थी। इस मामले में न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, लेकिन अदालत ने उन्हें कानूनी रूप से उचित नहीं माना।
इस फैसले के साथ अब न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक को इन विशिष्ट कानूनी आरोपों से मुक्ति मिल गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पेश किए गए सबूत और आरोप किसी भी प्रकार के आपराधिक अपराध की रचना नहीं करते हैं, जिसके कारण इस कार्यवाही को जारी रखना उचित नहीं है।
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