13 लाख उपकरणों में चीनी कंपनी का बैकडोर: गूगल और जापान पुलिस की बड़ी कार्रवाई
शेन्ज़ेन स्थित वीडियोस्ट्रॉन्ग कंपनी के उपकरणों में मैलवेयर और रेजिडेंशियल प्रॉक्सी का उपयोग करके आर्थिक लाभ कमाने का घोटाला पकड़ा गया।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 1:51 · 3 मिनट का पाठ
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गूगल और जापान की नेशनल पुलिस एजेंसी (NPA) ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चीनी कंपनी वीडियोस्ट्रॉन्ग द्वारा संचालित एक खतरनाक बैकडोर को निष्क्रिय कर दिया है। इस बैकडोर के माध्यम से 13 लाख इंटरनेट से जुड़े उपकरणों को रेजिडेंशियल प्रॉक्सी में बदल दिया गया था और उनमें मैलवेयर डाल दिए गए थे। द जापान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने मंगलवार को एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी कि पिछले सप्ताह उन्होंने NPA और अन्य भागीदारों के साथ मिलकर इस बॉटनेट को ध्वस्त कर दिया है।
इन प्रभावित उपकरणों में एंड्रॉइड टीवी सेट-टॉप बॉक्स, कराओके मशीनें, टेलीहेल्थ के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण और डिजिटल साइनेज जैसे एंड्रॉइड-आधारित उपकरण शामिल हैं। गूगल ने कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर कई वर्षों से विभिन्न मॉडलों और ब्रांडों में सीधे इंस्टॉल किया गया था। इस सिस्टम के पीछे एक समर्पित इंफ्रास्ट्रक्चर काम कर रहा था, जो अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार कॉन्फ़िगरेशन बदलता रहता था। गूगल के अनुसार, वीडियोस्ट्रॉन्ग ने स्पष्ट रूप से आर्थिक लाभ कमाने के लिए इस बैकडोर का उपयोग किया था। कंपनी इन उपकरणों का एक्सेस आपराधिक समूहों को बेचती थी और उनकी मदद से उपकरणों में मैलवेयर मॉड्यूल लोड करती थी।
जांच में पता चला है कि वीडियोस्ट्रॉन्ग के ऑपरेटरों का इन उपकरणों पर पूरा नियंत्रण था। वे लाइव स्क्रीनशॉट लेने, कीस्ट्रोक इंजेक्ट करने और उपयोगकर्ताओं की संवेदनशील जानकारी तथा अकाउंट का विवरण चुराने जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम देते थे। रेजिडेंशियल प्रॉक्सी एक ऐसी मध्यस्थ सेवा है जो इंटरनेट ट्रैफ़िक को घर के इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से रूट करती है। साइबर अपराधी अपनी पहचान छिपाने और डेटा चोरी करने के लिए इसका दुरुपयोग करते हैं। NPA के अनुसार, इस मामले की शुरुआत सितंबर 2025 में फुकुओका प्रीफेक्चुरल पुलिस द्वारा इंटरनेट बैंक ट्रांसफर के एक अनधिकृत मामले की जांच के दौरान हुई थी। इसके बाद कांतो रीजनल पुलिस ब्यूरो की साइबर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने उपकरणों के उत्पादन और बिक्री का विवरण प्राप्त कर गूगल को सूचित किया था।
जापान में साइबर सुरक्षा की स्थिति गंभीर है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी के अनुमान के अनुसार, जापान में कम से कम दस हजार से अधिक रेजिडेंशियल प्रॉक्सी उपकरण सक्रिय हैं। वर्ष 2024 में अनधिकृत इंटरनेट बैंक ट्रांसफर के 1,918 मामले रेजिडेंशियल प्रॉक्सी से जुड़े पाए गए थे, जिसमें लगभग 2.89 अरब येन (1.83 करोड़ डॉलर) का आर्थिक नुकसान हुआ था। जुलाई महीने में ही NPA ने स्मार्ट टीवी, राउटर और नेटवर्क कैमरे जैसे उपकरणों के खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। पुलिस ने नागरिकों को अज्ञात स्रोतों से सॉफ्टवेयर या मुफ्त VPN सेवाएं डाउनलोड न करने और इंटरनेट बैंडविड्थ साझा करने के बदले मुआवजा देने वाली सेवाओं से सावधान रहने को कहा है।
नेशनल पुलिस एजेंसी (NPA) जापान की मुख्य कानून प्रवर्तन संस्था है। यह संस्था जापान में पुलिस बलों का समन्वय करती है और देश की आंतरिक सुरक्षा तथा साइबर अपराधों से लड़ने की जिम्मेदारी निभाती है। अतीत में भी इस संस्था ने डिजिटल सुरक्षा और इंटरनेट-आधारित धोखाधड़ी को रोकने के लिए विभिन्न जन जागरूकता अभियान और जांच की है।
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