अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद तेहरान में उग्र विरोध
ईरानियों ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के विशाल पोस्टरों को जलाकर बदले की मांग की
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 3:59 · 3 मिनट का पाठ
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अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में लोगों ने उग्र प्रदर्शन किए। इन चुनाव परिणामों के बाद ईरान में खुशी का माहौल देखा गया, जहां लोगों ने अमेरिकी और इजरायली नेताओं के पोस्टरों को जलाकर अपना विरोध व्यक्त किया।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के केंद्रीय एंगलब स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। वहां डोनाल्ड ट्रंप और उनके साथियों के एक विशाल पोस्टर को आग लगा दी गई। इस पोस्टर में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकोफ और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चित्र शामिल थे। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों में सरकार समर्थकों और कट्टरपंथी समूहों ने भाग लिया, जिन्होंने ट्रंप प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की।
इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे मुख्य कारण 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले हैं। द हिंदू के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अचानक हमलों की एक बड़ी लहर शुरू की थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खमेनी और अन्य लोग मारे गए थे। इस घटना ने पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध को जन्म दिया था। प्रदर्शनकारी इन हमलों का बदला लेने की मांग कर रहे थे।
रैली के दौरान लोगों ने लाल रंग के झंडे लहराए और अयातुल्ला खमेनी की मृत्यु के लिए बदले की मांग की। कुछ झंडों पर "हम ट्रंप को मार डालेंगे" जैसे नारे लिखे थे। इस दौरान पास के लाउडस्पीकरों पर खमेनी की याद में "वी मस्ट राइज" नामक शोक गीत बजाया गया। एक महिला ने हाथ में बोर्ड पकड़ रखा था जिसमें डोनाल्ड ट्रंप को मारने की मांग की गई थी और साथ ही ईरान के सर्वोच्च नेताओं रुहोल्ला खुमैनी, अली खमेनी और मुजतबा खमेनी के चित्रों वाला पोस्टर था। ये दृश्य तेहरान के केंद्र में ट्रंप के एक बड़े बिलबोर्ड के नीचे देखे गए।
इन घटनाओं से पहले, 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अमेरिकी दूतावास पर कब्जे और बंधक संकट की याद में आयोजित वार्षिक रैली में भी हजारों ईरानियों ने डोनाल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाया था। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को हुए ये सार्वजनिक प्रदर्शन रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद हुए, जिसमें डेमोक्रेट्स पार्टी ने कांग्रेस पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया था।
अपनी इस चुनावी हार के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया था कि, फरवरी में इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ जो युद्ध शुरू किया था, वह चुनाव में उनकी हार का एक मुख्य कारण था। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई ने कहा कि यह परिणाम एक "राजनीतिक हार" दर्शाता है, क्योंकि तेहरान ने ट्रंप को युद्ध के मैदान में और होर्मुज जलडमरूमध्य में "रणनीतिक हार" दी है।
रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के कारण तेहरान के प्रदर्शनकारियों में भारी उत्साह देखा गया। लोगों ने अमेरिकी चुनाव के परिणामों को ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ जीत के रूप में देखा। यह पूरी घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंधों और हालिया सैन्य संघर्षों की गंभीरता को उजागर करता है।
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