अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार का वैश्विक प्रभाव और विश्लेषण
डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर कांग्रेस पर नियंत्रण पाया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 6:58 · अपडेट सुबह 7:08 · 5 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में बहुमत प्राप्त किया है। इन परिणामों के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शेष कार्यकाल के दौरान अमेरिकी कांग्रेस पर अब डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण रहेगा। इन चुनाव परिणामों को राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध और देश में बढ़ती महंगाई के कारण रिपब्लिकन पार्टी के कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। इसी दिशा में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्वीकार किया कि उनकी पार्टी की इस हार के पीछे ईरान के साथ युद्ध मुख्य कारण है।
बीबीसी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इन चुनाव परिणामों का असर दुनिया के अन्य देशों पर भी देखा जा रहा है। लंदन स्थित बीबीसी न्यूज़ पर्शियन की वरिष्ठ रिपोर्टर घोनचेह हबीबियाज़ादे ने बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी राजनीति में हुए इन बदलावों से ईरान के प्रति अमेरिका की दुश्मनी बदल जाएगी, ऐसा मानने वाले लोग गलती कर रहे हैं। खामेनेई ने आगे चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमला किया, तो उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई अत्यंत भयानक होगी।
मोजतबा खामेनेई ने रविवार को एक छह पृष्ठों के संदेश में यह बात लिखी थी। यह संदेश 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हुए कब्जे की याद में जारी किया गया था। उल्लेखनीय है कि मोजतबा खामेनेई ने 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए अपने पिता अली खामेनेई के बाद पद संभाला था, हालांकि वे पिछले कुछ महीनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।
बीबीसी के सुरक्षा संवाददाता फ्रैंक गार्डनर ने इस हार को 'प्रोजेक्ट ट्रंप' के लिए एक चुनावी झटका बताया है। गार्डनर के अनुसार, ये परिणाम खाड़ी के अरब देशों के लिए भी एक झटका साबित हो सकते हैं, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार के इन देशों के साथ गहरे व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंध हैं। उदाहरण के लिए, दुबई में ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स स्थित है और कतर ने उन्हें 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विमान उपहार में दिया है।
इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर और सऊदी अरब ने मिलकर ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर की फर्म 'एफिनिटी कैपिटल' में अरबों डॉलर का निवेश किया है। ट्रंप ने 2017 में अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए रियाद को चुना था।
दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के सऊदी अरब के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं थे। 2022 की एक घटना याद की गई है जिसमें बाइडन को सऊदी क्राउन प्रिंस से हाथ मिलाने से बचते हुए देखा गया था। इसी तरह, सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को रासायनिक गैस के उपयोग के लिए सजा न दे पाने के कारण खाड़ी देशों के नेता ओबामा से नाराज थे।
हालांकि, इस साल ईरान के साथ युद्ध ने ट्रंप के बारे में लोगों का नजरिया बदल दिया है। एक आलोचक के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में आग लगा दी है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी से हुई थी। अब भी यह डर है कि वे युद्ध को फिर से भड़का सकते हैं, और यदि ईरान इसके जवाब में पलटवार करता है तो कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत सुविधाएं तबाह हो सकती हैं।
वाशिंगटन डीसी से बीबीसी की रिपोर्टर रेबेका पिड्रे ने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार रिपब्लिकन पार्टी की इस करारी हार का कारण ईरान के साथ युद्ध है। इस युद्ध के कारण अमेरिका में महंगाई बढ़ी है, जिसका सीधा असर पेट्रोल पंपों पर बढ़ी कीमतों के माध्यम से देखा जा रहा है।
ट्रंप ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान पेट्रोल की कीमतों को 2 डॉलर प्रति गैलन से नीचे लाने का वादा किया था। लेकिन अक्टूबर 2026 में इसकी औसत कीमत 4.31 डॉलर प्रति गैलन थी। उन्होंने यह दावा भी किया था कि उनके दूसरे कार्यकाल में कोई नया युद्ध नहीं होगा। इसके बावजूद, मध्यावधि चुनाव से एक दिन पहले ही अमेरिका ने ईरानी द्वीप पर हमले किए थे। जब इस बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें युद्ध शुरू करने का कोई पछतावा नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार ने बताया कि अमेरिकी मतदाताओं ने युद्ध को नहीं चुना है, जिसका परिणाम इस चुनाव में दिखा है।
मोजतबा खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता हैं, जिन्होंने अपने पिता अली खामेनेई के निधन के बाद सत्ता संभाली थी।
ChatGPT के माध्यम से हत्या और आत्महत्या में मदद करने के आरोप में OpenAI पर केस
विभिन्न मामलों में चैटबॉट द्वारा हिंसा और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
AI लागत और अमेरिकी अनिश्चितता के बीच एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट
दक्षिण कोरिया का कोसपी 8 प्रतिशत और जापान का निक्केई 6 प्रतिशत गिरा
मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रंप ने वीटो शक्ति के इस्तेमाल के संकेत दिए
डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बड़ी जीत हासिल की है