दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
धनतेरस से पहले बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में ₹4,400 से अधिक की गिरावट दर्ज की गई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 1:10 · 7 मिनट का पाठ
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धनतेरस और दिवाली के पवित्र त्योहारों के आने से पहले बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी जा रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही कीमतों में ₹4,400 से अधिक की गिरावट देखी गई। मंगलवार सुबह 10 बजे के आसपास, MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,38,875 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो ₹1,386 की गिरावट दर्शाता है। चांदी की कीमतों में तो बड़ा झटका लगा, जिसमें दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर ₹1,79,200 प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो ₹4,429 की गिरावट है।
टीवी9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद में सोने की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन लंबी अवधि में गिरावट देखी गई है। 3 नवंबर 2026 को अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम ₹1,39,690 है। इसके साथ ही 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,28,050 और 18 कैरेट की कीमत ₹1,04,770 है। 24 कैरेट और 18 कैरेट में 0.19% और 22 कैरेट में 0.20% की वृद्धि देखी गई है। हालांकि, 3 अक्टूबर 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,49,230 थी, जिसकी तुलना में आज की कीमतों में ₹9,540 की गिरावट आई है।
अहमदाबाद में सोने की कीमतों के पिछले 10 दिनों के रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण हैं। टीवी9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 दिनों में सोने का सबसे अधिक भाव 28 और 29 अक्टूबर को दर्ज किया गया था, तब 24 कैरेट सोना ₹1,44,000, 22 कैरेट ₹1,32,000 और 18 कैरेट ₹1,08,000 था। जबकि 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को सबसे कम भाव दर्ज किया गया था, जिसमें 24 कैरेट ₹1,38,930, 22 कैरेट ₹1,27,350 और 18 कैरेट ₹1,04,200 था।
इसके अलावा, अहमदाबाद में फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ETF के बीच लागत का अंतर भी उल्लेखनीय है। 24 कैरेट सोने की मूल कीमत ₹1,39,690 और 3% GST (₹4,190.70) समान हैं, लेकिन फिजिकल गोल्ड में मेकिंग, वेस्टेज और हॉलमार्किंग चार्ज जुड़ने से यह ₹1,63,472.30 से ₹1,76,209.40 में आता है, जबकि गोल्ड ETF में इन अतिरिक्त खर्चों के बिना यह ₹1,40,388.45 से ₹1,41,086.90 में है।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार दूसरे महीने नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया गया है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की चिंताओं ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। इसके अलावा, टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी देखी गई है, जिसका कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर होने वाले खर्च के रिटर्न को लेकर चिंताएं हैं।
डीएचएफ कैपिटल के बास कुइज़मैन ने एक नोट में बताया कि सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें उन संपत्तियों पर दबाव डालती हैं जिन पर कोई ब्याज या नियमित आय नहीं मिलती है। इसी तरह, तेल की कीमतों में मजबूती से मुद्रास्फीति लंबे समय तक ऊंची रहने की चिंताएं बढ़ रही हैं। यदि तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो सोने पर दबाव कम हो सकता है, लेकिन अमेरिका के रोजगार के आंकड़े और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं इस स्थिति को बदल सकती हैं।
वैश्विक बाजार में कोमेक्स (COMEX) पर भी सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर के अंत तक कोमेक्स पर सोने की कीमत 7.26 प्रतिशत गिरकर 3,884.9 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी। सोने ने 3,900 डॉलर का तकनीकी सपोर्ट लेवल भी तोड़ दिया है और अब यह 3,650-3,750 डॉलर के सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है, जबकि इसे सुधारने के लिए 4,550 डॉलर के लेवल को पार करना होगा। चांदी की कीमतों में भी 19.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और यह 49.13 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई है। चांदी के लिए 54 डॉलर का सपोर्ट टूटने के बाद यह 48.9 डॉलर तक पहुंच गई है और अब 42-43 डॉलर तक गिर सकती है। जनवरी में 5,595 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से सोने की कीमतों में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका और एशिया में कमजोर मांग के कारण सोने पर दबाव है। हालांकि, विश्लेषकों के अनुसार जब सोने की कीमत 4,000 डॉलर से नीचे जाती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा इसकी खरीदारी बढ़ने की संभावना रहती है। एचएसबीसी के अनुसार, चांदी की इंडस्ट्री और ज्वेलरी के लिए मांग घट रही है। बैंक को उम्मीद है कि 2027 में चांदी की औसत कीमत 64 डॉलर प्रति औंस रहेगी, जबकि इस वर्ष के लिए अनुमान 71 डॉलर है। वर्तमान में सोने के एक औंस के लिए 79 औंस चांदी की आवश्यकता होती है, जो 11 महीने का सबसे ऊंचा अनुपात है। जनवरी में यह अनुपात 46 था।
अमेरिका की एएलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, जब तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों में कटौती के बारे में स्पष्टता नहीं होगी, तब तक कीमती धातुओं में अस्थिरता जारी रहेगी। हालांकि, धनतेरस और दिवाली की खरीदारी के लिए यह गिरावट ग्राहकों के लिए एक अच्छा अवसर बन सकती है।
स्थानीय स्तर पर भी बाजार में मिश्रित स्थिति देखी जा रही है। संदेश की रिपोर्ट के अनुसार, वडोदरा के वाघोडिया तालुका के जरोद गांव के बाजार में दिवाली के त्योहार के करीब होने के बावजूद मांग की कमी है। व्यापारियों ने माल का स्टॉक कर लिया है, लेकिन वे ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। पटाखों की दुकानें शुरू हो गई हैं, इलेक्ट्रॉनिक्स में फ्रिज का आकर्षण है, और रंगोली तथा दीयों की बिक्री के लिए ठेले भी शुरू हो गए हैं। कपड़ों के व्यापारी भी स्टॉक के साथ तैयार हैं, लेकिन बाजार में कम मांग के कारण व्यापारी चिंतित हैं।
इस बीच, गुजरात सरकार ने दिवाली की छुट्टियों के लिए 9 नवंबर को अवकाश घोषित किया है, जबकि 28 नवंबर को कार्यालय काम करेंगे, जैसा कि टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है।
कोमेक्स (कमोडिटी एक्सचेंज इंक) अमेरिका का मुख्य बाजार था जहां सोने और चांदी के अनुबंधों का लेनदेन होता था। जबकि एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) भारत का एक्सचेंज था जहां सोने और चांदी के वायदा कारोबार होते थे।
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