पाटन साइंस सेंटर में पांच दिवसीय ड्रोन मेकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
गुजकोस्ट और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने औसतन 72.40 प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 5:25 · 2 मिनट का पाठ
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पाटन में स्थित रीजनल साइंस सेंटर में गुजकोस्ट द्वारा आयोजित पांच दिवसीय निःशुल्क 'फंडामेंटल्स ऑफ ड्रोन मेकिंग' प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गुजरात सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यरत गुजकोस्ट और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ड्रोन तकनीक के विभिन्न पहलुओं के बारे में गहन जानकारी दी गई थी। प्रशिक्षण में ड्रोन तकनीक के बुनियादी सिद्धांतों, ड्रोन की असेंबली और उसकी बनावट, एरोडायनामिक्स, फ्लाइट ऑपरेशंस, वाईजीआई, एवियोनिक्स, फ्लाइट कंट्रोलर, ड्रोन टेस्टिंग और कैलिब्रेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया था। प्रतिभागियों को इन विषयों का न केवल सैद्धांतिक बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी दिया गया था।
पाटन साइंस सेंटर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के ज्ञान और कौशल का मूल्यांकन करने के लिए एक परीक्षा ली गई थी। इस परीक्षा में प्रतिभागियों ने औसतन 72.40 प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजेता बनने वाले प्रतिभागियों में व्यास अंश, कल्पेशकुमार, पटेल मिहिरकुमार रोहितभाई और यश प्रजापति के नाम शामिल हैं। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूरा करने के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. सुमित शास्त्री ने इस अवसर पर कहा कि आज के आधुनिक तकनीक के युग में ड्रोन तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कृषि, रक्षा, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, उद्योग और अन्य कई क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
रीजनल साइंस सेंटर गुजरात सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यरत एक संस्थान है, जिसकी स्थापना पाटन में की गई थी। यह विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने के लिए विभिन्न प्रायोगिक और प्रशिक्षण संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन करता है।
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