मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सूखा और चक्रवात प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज की मांग की
राज्य के 21 जिलों के 412 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 2:38 · अपडेट सुबह 3:50 · 3 मिनट का पाठ
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के सूखाग्रस्त किसानों के लिए केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की मांग की है। बुधवार को इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (IMCT) के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ये मांगें रखीं। उन्होंने केंद्र सरकार से आंध्र प्रदेश को व्यापक सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, क्योंकि राज्य के कई जिले गंभीर सूखे का सामना कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर तटीय क्षेत्रों में एक के बाद एक आए दो चक्रवातों ने भारी तबाही मचाई है।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री नायडू ने मांग की है कि मनरेगा (MGNREGS) योजना के तहत रोजगार के दिनों को बढ़ाकर 200 किया जाए और इसका दायरा कृषि गतिविधियों तक विस्तारित किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि इससे विशेष रूप से प्राकृतिक खेती में मजदूरों की कमी दूर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार का सृजन होगा। इसके अलावा, उन्होंने सूखा प्रभावित पात्र परिवारों को राशन कार्ड देने की मांग की। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले सूखे के दौरान रायलसीमा में 10 एकड़ भूमि वाले किसानों को भी राशन कार्ड दिए गए थे।
किसानों पर कर्ज के बोझ को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने कृषि ऋणों के पुन: निर्धारण (री-शेड्यूलिंग) की मांग की। साथ ही, उन्होंने फसल बीमा दावों के त्वरित निपटान और मुआवजे की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा इनपुट सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन केंद्र की ओर से बीमा मुआवजा तेजी से मिलना आवश्यक है।
राज्य में बारिश की कमी और लंबे समय तक चले सूखे के कारण खरीफ फसल को भारी नुकसान हुआ है। रायलसीमा क्षेत्र में सिंचाई के पानी, पीने के पानी और पशुओं के चारे की भारी कमी हो गई है। विशेष रूप से अनंतपुर जिले में देश की दूसरी सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 21 जिलों के 412 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है और अगले एक सप्ताह में फसल नुकसान की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।
भूजल स्तर में आई तीव्र गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए नायडू ने ग्रामीण जल स्रोतों के विकास और उन्हें एक-दूसरे से जोड़ने के लिए जल जीवन मिशन (JJM) के विस्तार की मांग की। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि सूखे का असर पशुधन और ग्रामीण आजीविका पर पड़ा है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी और चारे की आपूर्ति सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
केंद्रीय टीम ने 2 और 3 नवंबर को कुरनूल, नंद्याल, अनंतपुर और श्री सत्य साई जिलों का दौरा कर सूखे की स्थिति का निरीक्षण किया। सेंट्रल टीम के सदस्यों ने कहा कि वे फील्ड निरीक्षण, किसानों के साथ बातचीत और राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। केंद्र सरकार इस रिपोर्ट की जांच के बाद सहायता के संबंध में आगे की कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने टीम से अनुरोध किया कि सहायता की सिफारिश करते समय कई जिलों में सूखे के प्रभाव और तटीय आंध्र प्रदेश में चक्रवात से हुए नुकसान, इन दोनों कारकों को ध्यान में रखा जाए।
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