दिवाली से पहले D2C ब्रांड्स के ऑर्डर में 27 प्रतिशत का उछाल
ग्राहकों द्वारा महंगी वस्तुओं की खरीदारी बढ़ने से बिक्री मूल्य में 45 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, शाम 7:58 · अपडेट रात 8:06 · 3 मिनट का पाठ
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इस वर्ष दिवाली के त्योहारों के दौरान डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स की बिक्री में बड़ा उछाल देखा गया है। क्लिकपोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दिवाली की अवधि में D2C ब्रांड्स के दैनिक ऑर्डर में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, बेची गई वस्तुओं के कुल मूल्य यानी ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में लगभग 45 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। यह रिपोर्ट लगभग 400 D2C ब्रांड्स की वेबसाइटों से किए गए 8 करोड़ से अधिक ऑर्डर के विश्लेषण पर आधारित है, जिसमें इस वर्ष 20 सितंबर से 5 नवंबर तक की अवधि की तुलना पिछले वर्ष की 1 सितंबर से 17 अक्टूबर की अवधि से की गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्डर की संख्या की तुलना में बिक्री का मूल्य 1.7 गुना तेजी से बढ़ा है। इसका मुख्य कारण यह है कि ग्राहकों ने महंगे उत्पादों को खरीदना पसंद किया है, और सस्ते विकल्पों को खोजने के बजाय प्रीमियम वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित किया है। विशेष रूप से लग्जरी फैशन, स्किनकेयर, वेलनेस और ज्वेलरी जैसी उच्च मूल्य वाली श्रेणियों में ग्राहकों का खर्च अधिक रहा है। ज्वेलरी क्षेत्र में प्रीपेड ऑर्डर का औसत मूल्य 7.4 प्रतिशत बढ़कर ₹ 5,773 हो गया है, जबकि न्यूट्रिशन और वेलनेस क्षेत्र में यह मूल्य 11.1 प्रतिशत बढ़कर ₹ 936 पर पहुंच गया है।
बढ़े हुए ऑर्डर के बोझ के बावजूद डिलीवरी व्यवस्था अधिक विश्वसनीय हुई है। विफल डिलीवरी प्रयास पिछले वर्ष के 22 प्रतिशत से घटकर 21 प्रतिशत हो गए हैं, और ग्राहकों द्वारा वापस किए गए ऑर्डर का अनुपात 11 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो गया है। देशभर में औसत डिलीवरी समय तीन दिन से घटकर ढाई दिन हो गया है। छोटे शहरों में डिलीवरी का प्रदर्शन मेट्रो शहरों की तुलना में बेहतर रहा है। टियर 2 और टियर 3 शहरों में 83 प्रतिशत ऑर्डर समय पर पहुंचे थे, जबकि मेट्रो शहरों में यह आंकड़ा 78 प्रतिशत रहा। टियर 3 शहरों में पिछले वर्ष के 74 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
त्योहारों का सीजन इस वर्ष अधिक लंबा चला। दशहरा, करवा चौथ और दिवाली 18 दिनों के अंतराल में आने के कारण, अक्टूबर के अंत में 10 से अधिक दिन ऐसे थे जिनमें ऑर्डर का प्रवाह बहुत अधिक रहा। ब्रांड अब अपनी वेबसाइटों और ऐप्स के माध्यम से त्वरित डिलीवरी की सुविधा दे रहे हैं। ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट और जेप्टो जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के अलावा, ब्रांड की अपनी वेबसाइटों पर हाइपरलोकल डिलीवरी का अनुपात पिछले वर्ष के 2.6 प्रतिशत से बढ़कर 5 प्रतिशत हो गया है। श्रेणियों की बात करें तो, ब्यूटी और पर्सनल केयर सबसे बड़ी श्रेणी रही, जिसमें सभी शहरों में ऑर्डर 33 से 39 प्रतिशत बढ़े हैं। फैशन क्षेत्र में टियर 3 शहरों में 33 प्रतिशत और मेट्रो तथा टियर 2 शहरों में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
D2C यानी डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर बिजनेस मॉडल वह है, जिसमें कंपनियां बिचौलियों या रिटेलर्स के बिना सीधे ग्राहकों को अपने उत्पाद बेचती हैं। यह मॉडल भारतीय बाजार में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुआ है, जिससे ब्रांड्स को ग्राहकों के साथ सीधा संपर्क बनाने और डेटा प्राप्त करने में मदद मिलती है।
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