इंडिया गठबंधन की रैली में अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
कर्नाटक और मध्य प्रदेश में सैकड़ों पदाधिकारियों को निलंबित किया गया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:40 · 4 मिनट का पाठ
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दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) की रैली में भाग न लेने वाले कांग्रेस पदाधिकारियों के खिलाफ पार्टी ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत कर्नाटक कांग्रेस 200 से अधिक पदाधिकारियों को निलंबित कर रही है। इस मामले पर पार्टी के वरिष्ठ नेता मारपाड़ी वीरप्पा मोइली ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ कैसा व्यवहार करती है, यह पार्टी का आंतरिक मामला है और किसी अन्य दल को इस पर सवाल उठाने या सार्वजनिक चर्चा नहीं करनी चाहिए।
बेंगलुरु में जब वीरप्पा मोइली से रामलीला मैदान की रैली में अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "कांग्रेस के नेता पार्टी के साथ कैसा व्यवहार करते हैं या कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ कैसा व्यवहार करती है, यह हमारे आंतरिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी अन्य दल द्वारा पूछा जाने वाला सवाल नहीं है। हम जानते हैं कि अपने कार्यकर्ताओं के साथ कैसे व्यवहार करना है... यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं हो सकता।" एएनआई (ANI) द्वारा जारी वीडियो में मोइली यह बात कहते हुए नजर आ रहे हैं।
आजतक (Aaj Tak) की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी इंडिया गठबंधन द्वारा 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'चलो दिल्ली' नाम की रैली का आयोजन किया गया था। इस विशाल रैली में राहुल गांधी के साथ सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्ष के कई बड़े नेता उपस्थित थे। इस रैली का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने, मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों और वोट चोरी के मुद्दों पर प्रदर्शन करना था।
रैली के दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है। इस रैली के अंतिम चरण के बाद कांग्रेस पार्टी ने उन सभी पदाधिकारियों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है, जो बिना किसी पूर्व सूचना या उचित कारण के इस महत्वपूर्ण रैली में उपस्थित नहीं थे।
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने सख्त कदम उठाए हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा 215 नेताओं और युवा कांग्रेस द्वारा 60 नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस प्रकार, दो राज्यों में मिलाकर पार्टी ने सैकड़ों पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, पार्टी की एकता और अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह के कदम अनिवार्य थे। विशेष रूप से जब विपक्षी गठबंधन एक साथ आकर चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठा रहा हो, तब पार्टी पदाधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया है। वीरप्पा मोइली ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि यह आंतरिक अनुशासन का विषय है और इसमें बाहर के किसी व्यक्ति या दल को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से अधिक सक्रियता और वफादारी की उम्मीद कर रही है। विशेष रूप से आगामी चुनावी रणनीतियों और विपक्षी एकता के मुद्दे पर राहुल गांधी और अन्य नेताओं द्वारा पार्टी में सख्त अनुशासन लाकर संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली की इस रैली में जो नेता अनुपस्थित थे, उन्हें पार्टी के आदेशों की अवहेलना करने वाला माना जा रहा है, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
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