7 राज्यों में मतदाता सूची से नाम कटने वाले मतदाताओं को ECI देगा दोबारा मौका
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान ASDD के रूप में चिह्नित मतदाताओं को फिर से फॉर्म भरने की अनुमति
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, शाम 4:29 · अपडेट शाम 4:37 · 4 मिनट का पाठ
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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने छह राज्यों और दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश के उन मतदाताओं को फिर से नाम दर्ज कराने का अवसर दिया है, जिनके नाम वर्तमान में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची के ड्राफ्ट से हटा दिए गए थे। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, नागालैंड और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग ने 6 नवंबर को एक पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को गणना फॉर्म (Enumeration Forms) दिए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें ASDD - यानी अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) या डुप्लिकेट (Duplicate) के रूप में चिह्नित करके सूची से बाहर कर दिया गया था, उन्हें अब फिर से फॉर्म जमा करने की अनुमति दी जाएगी। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित मतदाता अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवा सकें।
इन निर्देशों के अनुसार, ये मतदाता अपने वर्तमान सामान्य निवास के संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) को विधिवत भरे हुए गणना फॉर्म जमा कर सकेंगे। इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने ASDD श्रेणी के तहत चिह्नित मतदाताओं की बूथ-वार सूचियां फिर से प्रदर्शित करने का आदेश दिया है। ये सूचियां संबंधित मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड, पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालयों में लगाई जाएंगी। इसके अलावा, ये सूचियां संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर पढ़ने योग्य PDF प्रारूप में भी अपलोड की जाएंगी, जिनमें मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में क्यों शामिल नहीं किए गए, इसके संभावित कारण भी दर्शाए जाएंगे।
प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, ECI ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों से अपने ECINET डैशबोर्ड के माध्यम से आंशिक रूप से भरे हुए गणना फॉर्म को फिर से जेनरेट करने के लिए कहा है। बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित मतदाताओं से संपर्क करें और यदि संपर्क विवरण उपलब्ध हो, तो यह सुनिश्चित करें कि फॉर्म भौतिक रूप से या व्हाट्सएप, ईमेल या SMS के माध्यम से पहुंचाया जाए। मतदाता स्वयं भी ECI की वेबसाइट या ECINET ऐप के माध्यम से, अपने नाम हटने से पहले के EPIC नंबर का उपयोग करके फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं और भर सकते हैं।
निवास बदलने वाले और न बदलने वाले मतदाताओं के लिए आयोग ने अलग-अलग प्रक्रिया निर्धारित की है। जो मतदाता अभी भी उसी पते पर रह रहे हैं, उन्हें भरे हुए और हस्ताक्षरित गणना फॉर्म के साथ एक बयान देना होगा कि वे पहले फॉर्म क्यों जमा नहीं कर सके थे। ये दस्तावेज वे स्वयं या परिवार का कोई सदस्य भौतिक रूप से जमा कर सकते हैं, या ECINET पर ई-साइन (e-sign) सुविधा का उपयोग करके ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
दूसरी ओर, जिन मतदाताओं ने एक ही राज्य के भीतर अपना निवास बदला है, उन्हें फॉर्म 8 जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, उन्हें गणना फॉर्म के साथ अपने नए पते और विधानसभा क्षेत्र का विवरण देने वाला एक बयान और पते का प्रमाण संबंधित ERO या AERO को देना होगा। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने बेघर मतदाताओं के लिए विशेष प्रावधान किया है, जिनके पास पते के दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे मतदाता निवास के प्रमाण के रूप में BLO द्वारा किए गए फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट का उपयोग कर सकेंगे।
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