अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय, कार्यकाल में दो वर्ष की वृद्धि
अग्निवीरों को अब कुल छह वर्ष तक सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिलेगा, कैबिनेट ने दी मंजूरी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, रात 10:31 · अपडेट सुबह 8:31 · 4 मिनट का पाठ
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण और बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के कार्यकाल में दो वर्ष की वृद्धि करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से अग्निवीरों को अब चार वर्ष के प्रारंभिक कार्यकाल के बाद अतिरिक्त दो वर्ष तक सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिलेगा। इस अतिरिक्त दो वर्ष की अवधि को ‘सेकंड ड्यूटी टूर’ या ‘सेकंड एंगेजमेंट पीरियड’ के रूप में पहचाना जाएगा।
इस निर्णय के संबंध में आधिकारिक जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम ने दिल्ली में दी। उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों द्वारा अग्निपथ योजना के कार्यान्वयन और उसके परिणामों का निरंतर मूल्यांकन किया जा रहा था। संगठनात्मक दक्षता और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सशस्त्र बलों ने सरकार को इस अतिरिक्त कार्यकाल की सिफारिश की थी, जिसे कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अग्निवीरों को सेना में अधिक समय तक सेवा देने का अवसर प्रदान करना है।
अग्निपथ योजना के वर्तमान प्रावधान के अनुसार, अग्निवीरों की भर्ती चार वर्ष की अवधि के लिए की जाती है। चार वर्ष पूर्ण होने के बाद, उनमें से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाता है। शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा निवृत्ति के बाद सेवा निधि पैकेज दिया जाता है। अब नई व्यवस्था के तहत, जो 75 प्रतिशत अग्निवीरों को शुरुआत में नियमित कैडर में स्थान नहीं मिलता है, उन्हें सेवा से तुरंत मुक्त करने के बजाय अतिरिक्त दो वर्ष तक सेवा जारी रखने का विकल्प मिलेगा। इस अतिरिक्त अवधि के दौरान उन्हें उच्च मानदेय और बेहतर सेवा निधि पैकेज भी मिलेगा।
CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम ने आगे स्पष्ट किया है कि इस दो वर्ष के अतिरिक्त कार्यकाल को पूरा करने के बाद, सभी इच्छुक अग्निवीरों के लिए नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल होने का मार्ग खुला रहेगा। हालांकि, इसके लिए उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस प्रक्रिया में उनके प्रदर्शन और उद्देश्यपूर्ण चयन के मानदंडों को ध्यान में रखा जाएगा। इस प्रकार, यह निर्णय अग्निवीरों के लिए सेना में स्थायी जुड़ाव के लिए एक सीधा मार्ग तैयार करता है। प्रथम बैच के 46,000 अग्निवीर आगामी सप्ताहों और महीनों में अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने जा रहे हैं, ऐसे में यह निर्णय उनके लिए बड़ी राहत और अवसर के समान है।
इस योजना के हिस्से के रूप में, केंद्र सरकार और सशस्त्र बल अग्निपथ योजना की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के अन्य विभाग और राज्य पुलिस बल भी सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को भर्ती में प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं। इस निर्णय से अग्निवीरों को लंबे समय तक सेना में काम करने का अनुभव मिलेगा और उन्हें अपने करियर को अधिक मजबूत बनाने का अवसर मिलेगा।
अग्निपथ योजना 14 जून, 2022 को शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती करके सेना को अधिक आधुनिक और युवा बनाना था। इस योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं को अग्निवीर के रूप में पहचाना जाता है। योजना की शुरुआत से ही सरकार द्वारा इसमें समय-समय पर आवश्यक सुधार और परिवर्तन किए गए हैं, ताकि सैन्य आवश्यकताओं और युवाओं के भविष्य के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके। इस नई व्यवस्था को उस दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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