गौड़ चौक अंडरपास का 5 नवंबर से तीन दिनों के लिए ट्रायल शुरू होगा
₹92 करोड़ की लागत से बने छह लेन वाले अंडरपास से ट्रैफिक की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, शाम 4:24 · अपडेट दोपहर 2:45 · 3 मिनट का पाठ
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए दिवाली से पहले राहत की खबर आई है। गौड़ चौक पर बन रहे अंडरपास को 5 नवंबर से तीन दिनों के लिए ट्रायल के तौर पर खोला जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी दी है। इस ट्रायल के दौरान अंडरपास से वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था और निर्माण से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की उचित जांच की जा सके।
इस अंडरपास के निर्माण कार्य के कारण पिछले कई महीनों से स्थानीय लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें देखी जाती थीं। अंडरपास के निर्माण के कारण सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया था और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय खर्च करना पड़ रहा था। अब अंडरपास का ट्रायल शुरू होने से स्थानीय निवासियों और इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन के अनुसार, 5 नवंबर से शुरू होने वाला यह ट्रायल तीन दिनों तक चलेगा। इस अवधि के दौरान अंडरपास से वाहनों का आवागमन कराया जाएगा और ट्रैफिक व्यवस्था का निरीक्षण किया जाएगा। यदि ट्रायल के दौरान निर्माण या संचालन से जुड़ी कोई भी खामी सामने आएगी, तो उसे दूर किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंडरपास को नियमित रूप से आम जनता के लिए खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, इसे स्थायी रूप से कब शुरू किया जाएगा, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
गौड़ चौक पर बनाया गया यह अंडरपास लगभग 700 मीटर लंबा है और इसमें छह लेन हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण पर लगभग ₹92 करोड़ का खर्च किया गया है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जुलाई 2024 में शुरू किया गया था। अंडरपास शुरू होने से गौड़ चौक के व्यस्त चौराहे पर वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस अंडरपास के चालू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सूरजपुर, गौर सिटी और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन निवासियों को इससे फायदा होगा जिन्हें रोजाना इस चौराहे से गुजरना पड़ता है। अब सबकी नजर इस तीन दिवसीय ट्रायल पर है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलेगी, तो अंडरपास के नियमित संचालन का रास्ता साफ हो सकता है।
इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास में वृद्धि होगी और यात्रा का समय बचेगा। अंडरपास के निर्माण के कारण जो बाधाएं उत्पन्न हुई थीं, उनके अब दूर होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा किया जा रहा यह निरीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए है कि आम जनता जब इस मार्ग का उपयोग करे तो किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
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