दिल्ली में प्रदूषण का कहर, AQI 367 तक पहुँचा और ट्रैफिक की समस्या बढ़ी
BS-VI नियमों के कार्यान्वयन से सीमाओं पर लंबी लाइनें और गुरुग्राम में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 9:53 · 4 मिनट का पाठ
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दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिससे निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। Business Standard की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 367 तक पहुँच गया है और शहर के कई क्षेत्र अत्यधिक खराब प्रदूषण क्षेत्र में हैं। PM2.5 और PM10 मुख्य प्रदूषक के रूप में दर्ज किए गए हैं। CPCB के अनुसार, इंडिया गेट के आसपास का AQI 399 तक पहुँच गया है, जो 'वेरी पुअर' श्रेणी में आता है।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए BS-VI वाहन नियमों के कारण दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक की बड़ी समस्या पैदा हो गई है। NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, चिल्ला और गाजीपुर सीमा पर वाहनों की किलोमीटर लंबी जाम देखी गई है। ट्रैफिक पुलिस BS-VI मानकों का पालन न करने वाले वाहनों को रोक रही है और नियमों का पालन न करने वाले वाहनों को वापस भेज रही है। इसके कारण यात्रियों को घंटों तक अपने वाहनों के साथ खड़ा रहना पड़ रहा है।
इस स्थिति से यात्रियों में रोष देखा जा रहा है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों का कहना है कि इन नियमों के कारण उनका यात्रा का समय दोगुना हो रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है और अधिक उत्सर्जन होता है। गाजीपुर सीमा पर अवकाशी नामक यात्री ने बताया कि आमतौर पर ऑफिस पहुँचने में 41 मिनट लगते हैं, लेकिन आज 1 घंटा 20 मिनट लग रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि वाहन ट्रैफिक में फंसे रहेंगे, तो ये नियम लंबे समय में कैसे मददगार होंगे? प्रभज्योत ने भी बताया कि त्योहारों के सीजन में ट्रैफिक पहले से ही अधिक होता है और बार-बार वाहनों को रोकने से लोगों के व्यस्त शेड्यूल पर असर पड़ता है। हालांकि, अश्विनी नामक यात्री ने कहा कि ऐसी नीतियों के परिणाम आने में समय लगता है और उन्हें केवल दो दिन के कार्यान्वयन के आधार पर नहीं आंका जा सकता।
दूसरी ओर, प्रदूषण कम करने के लिए गुरुग्राम प्रशासन ने भी कड़े कदम उठाए हैं। संदेश (देश) की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध सड़कों, राजमार्गों, फ्लाईओवर और पाइपलाइन सहित विभिन्न परियोजनाओं पर लागू होगा, हालांकि अत्यंत आवश्यक बुनियादी ढांचे को शर्तों के साथ छूट मिल सकती है। इसके अलावा, गुरुग्राम में सरकारी और निजी कार्यालयों को भी निर्देश दिए गए हैं कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही उपस्थित हो सकते हैं, जबकि शेष 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक सेवाओं को इन नियमों से छूट दी गई है।
दिल्ली में प्रदूषण के आंकड़ों में हेरफेर के आरोप भी लग रहे हैं। Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा शासित दिल्ली सरकार पर AQI डेटा में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। AAP यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जहांगीरपुरी जैसे प्रदूषित क्षेत्रों में निगरानी स्टेशनों पर पानी छिड़का जाता है ताकि प्रदूषण का स्तर कम दिखाई दे। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और CPCB से शिकायत की है। भारद्वाज ने कहा कि गलत डेटा के कारण अस्थमा और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग गलत सुरक्षा की भावना में बाहर निकल सकते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। AAP ने इस मामले में सोशल मीडिया अभियान चलाने की भी घोषणा की है।
दिल्ली में प्रदूषण के इस संकट के बीच, Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के 10 क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को दिल्ली का AQI 379 दर्ज किया गया था।
AQI वातावरण में मौजूद प्रदूषकों के स्तर को मापने के लिए एक सूचकांक था। इसका उपयोग हवा की गुणवत्ता के स्तर को समझने के लिए किया जाता था, जो स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाता था।
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