सीआईआई पार्टनरशिप समिट के जरिए आंध्र प्रदेश वैश्विक व्यापार और तकनीकी संबंधों को बढ़ाएगा
12 और 13 नवंबर को आयोजित होने वाली इस 31वीं समिट में 59 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, शाम 4:24 · 3 मिनट का पाठ
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि सीआईआई (CII) पार्टनरशिप समिट-2026 राज्य की निवेश क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा और वैश्विक व्यापार तथा तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देगा। बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, इस समिट का 31वां संस्करण 12 और 13 नवंबर को विशाखापट्टनम में आयोजित किया जाएगा।
यह समिट 'नेविगेटिंग न्यू वर्ल्ड ऑर्डर: ट्रेड, टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट' थीम के तहत आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में 15 विदेशी मंत्रियों सहित कुल 59 देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नायडू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "सीआईआई पार्टनरशिप समिट-2026 आंध्र प्रदेश की निवेश क्षमता को दुनिया के सामने पेश करने और वैश्विक हितधारकों के साथ व्यावसायिक और तकनीकी साझेदारी विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा।"
दो दिवसीय इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग जगत के दिग्गज, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ जुटेंगे। विज्ञप्ति के अनुसार, इस समिट में 350 विदेशी और 900 भारतीय प्रतिनिधि तथा 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय वक्ता शामिल होंगे, जिससे कुल प्रतिभागियों की संख्या लगभग 1,250 होगी।
कंपनियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए लगभग 400 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, उद्योगों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की सुविधा प्रदान करने के लिए बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इस समिट में सिंगापुर, नेपाल, कंबोडिया, म्यांमार, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, स्लोवाक रिपब्लिक, मॉरीशस, मोजाम्बिक, मिस्र, अल्जीरिया, तंजानिया और ग्वाटेमाला जैसे कई देशों के सरकारी प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही विभिन्न देशों के राजदूत तथा वर्ल्ड फूड प्रोग्राम, एशियाई विकास बैंक और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
समिट मुख्य छह विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगी: व्यापार, निवेश और वैश्विक मूल्य श्रृंखला; विश्वास, भू-अर्थशास्त्र और वैश्विक सहयोग; तथा कृषि, खाद्य सुरक्षा और जैव-आधारित अर्थव्यवस्था। अन्य तीन विषयों में प्रतिभा, कौशल और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर; प्रौद्योगिकी, नवाचार और भविष्य के उद्योग; और स्वच्छ ऊर्जा तथा सतत विकास शामिल हैं।
नायडू ने कहा कि नीति निर्माताओं, निवेशकों, उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाकर व्यावसायिक और तकनीकी साझेदारी स्थापित करने पर चर्चा केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा करना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह समिट तकनीकी सहयोग में आंध्र प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाएगी और राज्य के कुशल युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर पैदा करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एस्क्रो खातों के माध्यम से राज्य के औद्योगिक प्रोत्साहनों के वितरण और इसकी 'स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस' पहल को भी वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
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