फिलीपींस में राजनाथ सिंह की जापान और अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण बैठकें
ADMM-Plus समिट के दौरान रक्षा मंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, सुबह 8:39 · 3 मिनट का पाठ
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भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं एशियन डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान जापान और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। 28 अक्टूबर, 2026 को सेबू के मैक्टन एक्सपो में पहुंचने पर राजनाथ सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्होंने जापान के रक्षा मंत्री शिनजिरो कोइज़ुमी और अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ के साथ द्विपक्षीय वार्तालाप किए।
PIB के अनुसार, राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिनजिरो कोइज़ुमी के साथ मुलाकात में भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नए रास्ते तलाशे। दोनों मंत्रियों ने अगस्त में हुई मुलाकात के बाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई स्थिर प्रगति का स्वागत किया। इस बैठक में चर्चा की गई कि इस साल के अंत में टोक्यो में जापान-भारत रक्षा मंत्रियों की बैठक और चौथी जापान-भारत फॉरेन एंड डिफेंस मिनिस्टेरियल मीटिंग (2+2) आयोजित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। राजनाथ सिंह ने X पर कहा कि भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता मुक्त, खुले और शांत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दूसरी ओर, अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ के साथ बैठक में भारत और अमेरिका ने 10 वर्षीय रक्षा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। PIB की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक एकीकरण, तकनीक की साझेदारी और ऑपरेशनल तैयारी बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशे। इस चर्चा में सेनाओं के बीच आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और मजबूत रक्षा सप्लाई चेन के जरिए रक्षा उद्योग सहयोग को गहरा बनाने पर जोर दिया गया। राजनाथ सिंह ने भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी को मुक्त और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का आधारस्तंभ बताया।
क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि वैश्विक समुदाय को आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण या वित्तीय मदद मुहैया कराने वाले देशों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' यानी शून्य सहिष्णुता का रुख अपनाना चाहिए। पीट हेगसेथ ने सीमा पार आतंकवाद से लड़ने में भारत के प्रति अमेरिका की अटूट एकजुटता और पूर्ण समर्थन की पुष्टि की। राजनाथ सिंह ने अमेरिका के निरंतर और मजबूत समर्थन के लिए प्रशंसा की। इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने फिलीपींस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय वार्तालाप किए, जिसकी रिपोर्ट अमर उजाला द्वारा दी गई है।
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