दिल्ली में भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा, खेती और अर्थव्यवस्था पर होगी चर्चा
इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा 11 और 12 नवंबर 2026 को भारत मंडपम में आयोजित होगा यह शिखर सम्मेलन
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 5:13 · अपडेट सुबह 5:22 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
इंडिया टुडे ग्रुप ने कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से अपने अंतरराष्ट्रीय मंच 'किसान तक भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026' की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन आगामी 11 और 12 नवंबर, 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित 'भारत मंडपम' में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारतीय कृषि, किसानों की समस्याओं, उनकी सफलताओं और खेती से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर गहन चर्चा की जाएगी। भारत मंडपम में किसानों से जुड़ा यह अपनी तरह का पहला और अनोखा मंच होगा, क्योंकि दिल्ली का यह सबसे बड़ा हॉल, जहाँ आमतौर पर उद्योग जगत की बड़ी कॉन्फ्रेंस आयोजित होती हैं, इस बार किसानों के समुदाय से भरा होगा।
महिंद्रा ट्रैक्टर्स और महाधन एग्रीटेक द्वारा प्रस्तुत इस दो दिवसीय महाकुंभ का मुख्य संकल्प "स्मार्ट किसान, विकसित भारत" रखा गया है। इस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) सहयोगी के रूप में भूमिका निभाएंगे। इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूत, अंतरराष्ट्रीय कृषि संस्थानों के प्रमुख और कई सरकारी विभागों के मंत्री उपस्थित रहेंगे।
इस भव्य आयोजन में देश के कोने-कोने से आए लगभग 2 हजार किसान भाग लेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में पैनल चर्चाओं के अलावा ग्रामीण भारत की झलक दिखाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही अग्रणी किसानों, महिला उद्यमियों, कृषि अर्थशास्त्रियों और शोधकर्ताओं की प्रेरक कहानियाँ प्रस्तुत की जाएंगी, जिन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ग्रामीण भारत में परिवर्तन लाया है। इस आयोजन की विशेषता यह है कि इन कहानियों के असली पात्र, जिन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया है, वे स्वयं उपस्थित होकर अपनी कहानियाँ सुनाएंगे। इनमें पद्मश्री राहीबाई सोमा पोपेरे, ट्रिनिटी सायु, नेकरम शर्मा, सुल्तान सिंह और सुंदरम वर्मा जैसे किसान शामिल हैं।
मनोरंजन और कला के क्षेत्र में भी यह कार्यक्रम समृद्ध रहेगा। जाने-माने लोक गायक पद्मश्री प्रहलाद तपनिया की प्रस्तुति के साथ कवि रुद्र प्रताप रुद्र और भोजपुरी गायक चंदन तिवारी भी अपनी कला प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, प्रसिद्ध अभिनेता, गायक और सांसद मनोज तिवारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहकर मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
इस आयोजन का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि देश के कुल वर्कफोर्स का 46% हिस्सा सीधे तौर पर कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है। भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, वर्ष 2024-25 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन रहने का अनुमान है। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह है कि इस विशाल उत्पादन क्षमता का उपयोग करके किसानों के लिए अधिक सुरक्षित आजीविका, अधिक लाभ और नए वैश्विक अवसर कैसे पैदा किए जा सकते हैं।
इस ऐतिहासिक घोषणा पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, 'इंडिया टुडे और किसान तक का यह भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस देश के अन्नदाताओं के लिए सामूहिक समृद्धि का एक नया रोडमैप है।' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प की असली नींव हमारा 'स्मार्ट किसान' और 'खेती की सेहत' है। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, स्मार्ट फार्मिंग का अर्थ केवल आधुनिक तकनीक नहीं है, बल्कि अपनी जमीन को लंबे समय तक स्वस्थ रखना और किसानों के खर्च में कमी लाकर उनकी आय बढ़ाना है। उन्होंने इंडिया टुडे ग्रुप के किसान तक द्वारा किसानों को स्मार्ट बनाने की पहल की सराहना की और कहा कि जब खेती स्वस्थ होगी और किसान की आय मजबूत होगी, तभी भारत सही अर्थों में विकसित और आत्मनिर्भर बनेगा। आज के समय में जब कृषि क्षेत्र में नए परिवर्तन आ रहे हैं, तब इस तरह का वैश्विक कुंभ किसानों को नई दिशा प्रदान करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्यक्रम भारतीय कृषि के इतिहास में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आयोजन साबित होगा।
खरीफ फसल के नुकसान और धीमी खरीद के कारण रबी की बुवाई के लिए किसान संघर्ष कर रहे हैं
फसल उत्पादन में गिरावट और बाजार में ऊंचे भाव के कारण व्यापारी खरीद में देरी कर रहे हैं
MPSC ગ્રુપ-સી પરીક્ષા માટે ૧૬,૦૦૦થી વધુ જગ્યાઓ અને વય મર્યાદામાં છૂટછાટની ભલામણ
રાજ્ય સરકાર દ્વારા નિયુક્ત ઉચ્ચ સ્તરીય સમિતિએ વહીવટી સુધારા માટે વચગાળાનો અહેવાલ રજૂ કર્યો
महाराष्ट्र सरकार द्वारा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए ₹160 करोड़ का आवंटन
विकसित महाराष्ट्र 2047 अभियान के तहत कातकरी, कोलम, माडिया और पारधी समुदायों के लिए विशेष पैकेज घोषित