आचार संहिता उल्लंघन के मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सीवान कोर्ट से मिली जमानत
वर्ष 2011 के चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के एवज में दर्ज मामले में लालू यादव कोर्ट में पेश हुए थे।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:23 · अपडेट दोपहर 3:29 · 3 मिनट का पाठ
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राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को सीवान की एक अदालत में वर्ष 2011 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। इस मामले में लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के अंत में अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली है। सीवान कोर्ट के न्यायाधीश अरबिंद सिंह की अदालत में इस पूरे मामले की सुनवाई की गई। कोर्ट में लालू यादव की उपस्थिति के कारण अदालत परिसर में उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। यह मामला लगभग 15 वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में लंबित था।
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा विवाद वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। उस समय लालू प्रसाद यादव दरौंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे पार्टी उम्मीदवार के प्रचार के लिए सीवान पहुंचे थे। लालू यादव के वकील के अनुसार, चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त हो गई थी, इसके बावजूद लालू यादव ने जनसभा को संबोधित किया था। इस घटना के बाद उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में लालू यादव के साथ चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार परमेश्वर सिंह को भी आरोपी बनाया गया था, जिनका अब निधन हो चुका है।
मामले की जानकारी देते हुए वकील ने बताया कि दरौंदा थाने में मामला संख्या 146/11 के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। इस शिकायत में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 144 और लाउडस्पीकर एक्ट की धारा 9 का उल्लेख किया गया था। इससे पहले इस मामले में लालू यादव की अनुपस्थिति के कारण अदालत द्वारा जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद अदालत ने रिमाइंडर और गैर-जमानती वारंट भी जारी किए थे। लालू यादव के वकील ने स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे पहले अदालत में उपस्थित नहीं हो सके थे। उनके निर्देश पर पहले अदालत में पेशी से छूट पाने के लिए आवेदन दिया गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार भी किया था। वकील ने आगे बताया कि लालू प्रसाद यादव पूर्व में मुख्यमंत्री और केंद्रीय रेल मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने कभी भी कानूनी प्रक्रिया का अनादर नहीं किया है या अदालत में पेश होने से इनकार नहीं किया है। शुक्रवार को अदालत के निर्देश का पालन करते हुए वे खुद पेश हुए, जिसके बाद अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत परिसर में मौजूद मीडियाकर्मियों ने लालू यादव से कई सवाल पूछने का प्रयास किया, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देने से परहेज किया।
लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे हैं। वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दे चुके हैं और केंद्र सरकार में रेल मंत्री के रूप में भी कार्यरत रहे हैं। अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान वे कई कानूनी विवादों और मामलों में शामिल रहे हैं, जिनमें से कई मामले वर्षों तक अदालतों में चले हैं। वे अपनी अनूठी वाक्पटुता और जनता के साथ सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण बिहार के राजनीतिक हलकों में उनका नाम हमेशा चर्चा के केंद्र में रहता है।
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