माइक्रोफाइनेंस मामले में वेल्लापल्ली नतेसन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने का केरल हाईकोर्ट का आदेश
कोर्ट ने जांच अधिकारी को दो सप्ताह की समय सीमा दी, सरकारी मंजूरी के बिना कार्रवाई करने को कहा
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 1:24 · अपडेट दोपहर 1:59 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि माइक्रोफाइनेंस मामलों में SNDP योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन और अन्य आरोपियों के खिलाफ अगले दो सप्ताह में चार्जशीट दाखिल की जाए।
जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने यह अंतरिम आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार की अभियोजन मंजूरी (प्रोसिक्यूशन सेंक्शन) प्राप्त किए बिना भी चार्जशीट दाखिल कर सकती है। कोर्ट ने नोट किया कि अभियोजन मंजूरी की आवश्यकता को लेकर विवाद के कारण चार्जशीट दाखिल करने में देरी हुई थी।
जांच टीम ने हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने कई मामलों में चार्जशीट तैयार कर ली है और संबंधित अदालत में उसे पेश करने के लिए केवल अभियोजन मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले, कोर्ट ने पिछड़ा वर्ग विकास विभाग (BCDD) के सचिव और सक्षम अधिकारी को अभियोजन मंजूरी देने पर विचार करने का निर्देश दिया था। हालांकि, BCDD ने कोर्ट को बताया कि इन मामलों में आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए सरकारी मंजूरी की कोई आवश्यकता नहीं है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला चेर्थला निवासी एम.एस. अनिल द्वारा हाईकोर्ट में लाया गया था। अनिल ने तर्क दिया कि नतेसन के खिलाफ जांच बहुत धीमी गति से चल रही है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत, चूंकि आरोपियों ने केंद्र या राज्य सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त की थी, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मंजूरी आवश्यक है। वर्तमान में यह पूरी जांच हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही है।
इस मामले में आरोप है कि 2003 से 2014 के बीच केरल स्टेट बैकवर्ड क्लासेस डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा पिछड़े समुदायों के कल्याण के लिए माइक्रोफाइनेंस योजना के तहत फंड आवंटित किया गया था। यह फंड श्री नारायण धर्म परिपालन (SNDP) योगम इकाइयों द्वारा प्राप्त किया गया था, लेकिन काल्पनिक स्वयं सहायता समूहों के नाम पर गलत उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर इसका दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि माइक्रोफाइनेंस योजना के तहत SNDP योगम को दी गई ₹15.85 करोड़ की राशि का अवैध रूप से उपयोग किया गया।
SNDP योगम समाज सुधारक श्री नारायण गुरु के सिद्धांतों पर स्थापित एक सामाजिक संस्था थी। इस संस्था की स्थापना ईझावा समुदाय और अन्य वंचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए