नाबालिग का यौन शोषण करने वाले इस्लामिक गुरु मुहम्मद नियास जुहारी गिरफ्तार
आध्यात्मिक उपचार के बहाने 16 वर्षीय कन्या के साथ बलात्कार के आरोप में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 3:12 · अपडेट दोपहर 3:56 · 4 मिनट का पाठ
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केरल पुलिस ने एक लोकप्रिय इस्लामिक प्रचारक और यूट्यूबर मुहम्मद नियास जुहारी को गिरफ्तार किया है। 34 वर्षीय जुहारी पर 16 वर्षीय नाबालिग कन्या का बार-बार यौन शोषण करने का गंभीर आरोप है। यह गिरफ्तारी रविवार को की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने आध्यात्मिक उपचार के बहाने यह कृत्य किया था। इस मामले में उसके खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की बलात्कार तथा आपराधिक धमकी देने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित कन्या की दादी अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत पाने के लिए मौलाना नियास जुहारी के पास पहुंची थीं। जुहारी ने परिवार को विश्वास दिलाया था कि दादी पर किसी दुष्ट आत्मा का प्रभाव है और उसे दूर करने के लिए शुद्धिकरण की विधि की आवश्यकता है। इस बात पर विश्वास करके कन्या और उसकी दादी ने जुहारी द्वारा संचालित एक एकेडमी का दौरा किया था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, जुहारी ने अपनी कथित आध्यात्मिक शक्तियों पर परिवार के विश्वास का दुरुपयोग किया। उसने परिवार को भ्रमित कर नाबालिग कन्या तक पहुंचने की योजना बनाई और उसके बाद उसका बार-बार यौन शोषण किया। बताया जा रहा है कि ये घटनाएं हबीबिया इस्लामिक एकेडमी, किराए के परिसरों और अन्य विभिन्न स्थानों पर हुई थीं। जब पीड़ित कन्या ने इस अत्याचार के बारे में अपने दोस्तों को बताया, तब यह मामला प्रकाश में आया। पुलिस ने कन्या का बयान दर्ज किया और चिकित्सा साक्ष्यों तथा मोबाइल फोन पर हुई बातचीत की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस अब जांच कर रही है कि क्या जुहारी ने अन्य नाबालिगों का भी यौन शोषण किया है। जांचकर्ता आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस कोल्लम जिले में स्थित उसकी शैक्षणिक संस्था से जुड़े बड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि मुहम्मद नियास जुहारी हाल ही में मलयालम अभिनेत्री नाज़रिया नाज़िम की ड्रेसिंग स्टाइल पर टिप्पणी करके सोशल मीडिया पर चर्चा में आए थे। 28 अक्टूबर को दुबई में एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान नाज़रिया ने अपनी आगामी तमिल फिल्म के लिए पीले रंग की ऑफ-शोल्डर ड्रेस पहनी थी। जुहारी ने इंस्टाग्राम पर एक रील बनाकर अभिनेत्री के पहनावे को 'अनुचित' बताया था। उसने नाज़रिया को मुस्लिम अभिनेत्री बताकर उसके धार्मिक आचरण पर सवाल उठाए थे। इसके साथ ही उसने अभिनेत्री के पति फहद फासिल और फिल्म उद्योग के साथ उनके जुड़ाव पर भी टिप्पणी की थी।
अपने वीडियो में जुहारी ने फिल्म उद्योग के लोगों को धार्मिक बातें समझाने की तुलना एक ऐसे व्यक्ति से की थी जो नशे में धुत हो और उसे शराब पीने से पहले 'बिस्मिल्लाह' पढ़ने की सलाह दी जा रही हो। हालांकि, उसने यह सवाल भी उठाया था कि केवल मुस्लिम अभिनेत्रियों के कपड़ों पर ही सवाल क्यों उठाए जाते हैं, जबकि पुरुष कलाकारों के धार्मिक कर्तव्यों के बारे में ऐसी चर्चा नहीं की जाती। नाज़रिया के पहनावे पर विवादास्पद बयान देकर चर्चा में आए जुहारी की मुश्किलें अब इस पोक्सो केस के बाद बढ़ गई हैं।
मुहम्मद नियास जुहारी केरल के कोल्लम जिले के ओचिरा में स्थित हबीबिया इस्लामिक एकेडमी के निदेशक हैं। वह एक लोकप्रिय इस्लामिक प्रचारक और यूट्यूबर के रूप में जाने जाते थे।
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