संवत 2083 के लिए दलाल स्ट्रीट के सामने 6 मुख्य जोखिमों की संभावना
बाजार में तेजी के माहौल के बीच विश्लेषकों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 2:54 · अपडेट दोपहर 3:00 · 3 मिनट का पाठ
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बिजनेस स्टैंडर्ड की 5 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने संवत 2083 के लिए दलाल स्ट्रीट के सामने 6 मुख्य जोखिमों की पहचान की है। इन जोखिमों के बीच बाजार में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसर भी देखे जा रहे हैं। चॉइस इंस्टीट्यूशनल ब्रोकरेज हाउस ने एफएमसीजी, डिफेंस, हाउसिंग फाइनेंस, हॉस्पिटैलिटी और आईटी क्षेत्र के 5 चुनिंदा शेयरों में 90 प्रतिशत तक रिटर्न की संभावना जताई है। इसमें बजाज कंज्यूमर केयर का वर्तमान भाव ₹385.25 है और इसका लक्ष्य ₹715 है, जो 90.7 प्रतिशत लाभ दे सकता है। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ₹2,131 के भाव पर ₹3,500 के लक्ष्य के साथ 71 प्रतिशत की उछाल दर्शाता है। इसके अलावा, एप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनेंस ₹201.71 के भाव पर ₹330 के लक्ष्य के साथ 65.1 प्रतिशत, सामही होटल्स ₹153.99 के भाव पर ₹240 के लक्ष्य के साथ 53.9 प्रतिशत और रेटगेन ट्रैवल टेक्नोलॉजीज ₹820.25 के भाव पर ₹1,185 के लक्ष्य के साथ 47.1 प्रतिशत रिटर्न दे सकते हैं।
बाजार की अन्य हलचलों पर नजर डालें तो, 4 नवंबर 2026 को सेंसेक्स 435.10 अंक यानी 0.57 प्रतिशत बढ़कर 77,352.95 पर और निफ्टी 115.90 अंक यानी 0.49 प्रतिशत बढ़कर 23,925.10 पर पहुंच गया। 3 नवंबर 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹6,836.81 करोड़ के शेयर खरीदे, जो लगातार तीसरे दिन शुद्ध खरीदार रहे। उसी दिन निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो निफ्टी 50 की 1.1 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक थी। इस बीच, 4 नवंबर 2026 को भारतीय रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 94.61 के स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, कमजोर अमेरिकी डॉलर और विदेशी फंड का प्रवाह इस वृद्धि के मुख्य कारण थे। ब्रेंट क्रूड 0.49 प्रतिशत गिरकर 103.09 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
दूसरी ओर, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा सितंबर 2026 में सोने और चांदी की वस्तुओं के लिए हॉलमार्किंग शुल्क में बदलाव किया गया था। 14 सितंबर 2026 से प्रभावी इस बदलाव में हॉलमार्किंग के अंतिम बिल में मुख्य शुल्क में 67 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। जून 2021 से सोने की हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया गया था। यह योजना 9K, 14K, 18K, 20K, 22K, 23K और 24K यानी सात प्रकार के कैरेट के लिए लागू होती है।
ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) भारत की राष्ट्रीय मानक संस्था है, जो उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान करने के लिए कार्यरत है। यह संस्था विभिन्न उत्पादों के लिए प्रमाणन और गुणवत्ता मानक निर्धारित करती है।
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