भारतीय नौसेना का जहाज INS तर्कास मॉरीशस के पोर्ट लुई पहुंचा
दक्षिण हिंद महासागर क्षेत्र में नियमित तैनाती के हिस्से के रूप में यह यात्रा की गई है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
31 अक्टूबर 2026, रात 11:35 · 2 मिनट का पाठ
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भारतीय नौसेना का जहाज INS तर्कास ३० अक्टूबर, २०२६ को मॉरीशस के पोर्ट लुई बंदरगाह पर पहुंचा है। PIB दिल्ली की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी चल रही परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में यह जहाज मॉरीशस पहुंचा है। यह बंदरगाह यात्रा भारत और मॉरीशस के बीच मजबूत होती समुद्री साझेदारी को दर्शाती है।
इस यात्रा के दौरान व्यावसायिक आदान-प्रदान, संयुक्त गतिविधियों और सांस्कृतिक विनिमय के माध्यम से दोनों देशों के बीच नौसेना सहयोग को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। INS तर्कास का क्रू मॉरीशस कोस्ट गार्ड के कर्मियों के साथ विभिन्न गतिविधियों में शामिल होगा। इसमें संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियां भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य परिचालन अनुभवों और सर्वोत्तम कार्य पद्धतियों को साझा करना, परस्पर कार्यकुशलता बढ़ाना और दोनों समुद्री बलों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।
सांस्कृतिक विनिमय और सामुदायिक संपर्क की गतिविधियां भी इस यात्रा का हिस्सा रहेंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से दोनों देशों के कर्मियों को एक-दूसरे के साथ बातचीत करने और लोगों के बीच के संबंधों को और गहरा करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, INS तर्कास २ नवंबर, २०२६ को मॉरीशस के १९२वें आप्रवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी भाग लेगा।
यह वार्षिक उत्सव २ नवंबर, १८३४ को पोर्ट लुई स्थित आप्रवासी घाट पर भारत से आए अनुबंधित मजदूरों के पहले समूह के आगमन की याद में मनाया जाता है। यह दिन उन मजदूरों की ऐतिहासिक विरासत, बलिदान और योगदान का सम्मान करता है, जिनके वंशज अब मॉरीशस की आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं और उन्होंने द्वीप राष्ट्र के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में योगदान दिया है। इन कार्यक्रमों में INS तर्कास की भागीदारी दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करती है।
यह बंदरगाह यात्रा मॉरीशस के साथ भारत की स्थायी साझेदारी का महत्वपूर्ण प्रदर्शन है, जो साझा ऐतिहासिक संबंधों, सांस्कृतिक समानता और आपसी विश्वास पर आधारित है। यह हिंद महासागर क्षेत्र के मित्रवत समुद्री राष्ट्रों के साथ भारतीय नौसेना के निरंतर जुड़ाव को भी दर्शाती है, जो समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता में योगदान देता है। भारतीय नौसेना इस प्रकार की तैनाती के माध्यम से समुद्री साझेदारी को मजबूत कर रही है और 'महासागर' (MAHASAGAR) के विजन को आगे बढ़ा रही है।
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