स्थानीय उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार दूरसंचार PLI योजना का दूसरा संस्करण लाएगी
डिजाइन आधारित उत्पादन और स्थानीय मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, रात 11:26 · 1 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
भारत में दूरसंचार उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र में स्थानीय मूल्यवर्धन बढ़ाने और डिजाइन-आधारित उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार दूरसंचार उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का दूसरा संस्करण लाने पर काम कर रही है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, संचार मंत्रालय इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, इस प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत करने से पहले अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए भेजा जाएगा। मंत्रालय का लक्ष्य एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जो बैकवर्ड इंटीग्रेटेड डिजाइन और विकास पर आधारित हो और देश में अधिक स्थानीय मूल्यवर्धन प्राप्त कर सके।
दूरसंचार PLI योजना का पहला संस्करण ₹12,195 करोड़ के परिव्यय के साथ लागू किया गया था, जो मार्च 2026 में पूरा होगा। इस योजना के तहत दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों के लिए 28 MSMEs सहित कुल 42 कंपनियों को मंजूरी दी गई थी। इस योजना के तहत ₹4,115 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹6,073 करोड़ का निवेश आकर्षित किया गया था। इसके अलावा, 17 कंपनियों ने डिजाइन-आधारित उत्पादन मानदंड के तहत 1 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन के लिए आवेदन किया है।
दूरसंचार PLI योजना विनिर्माण क्षेत्र में प्रोत्साहन देने की एक सरकारी पहल थी, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादन और निवेश को गति देना था।
सऊदी अरब से माता-पिता नहीं लौटे तो पूछताछ करने वाले युवक की हत्या
गिरिडीह में टूर ऑपरेटरों ने युवक हैदर अंसारी की पिटाई कर गला दबाकर हत्या की
वांच गांव में पटाखों के कचरे में विस्फोट होने से तीन किशोर घायल
14 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से झुलसा, पुलिस ने जांच शुरू की
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कोयला क्षेत्र में सुधार और गैसीकरण पर जोर दिया
गोवा में आयोजित चौथे माइनिंग मिनिस्टर्स कॉन्फ्रेंस में प्रौद्योगिकी-आधारित खनन और केंद्र-राज्य सहयोग पर बल