केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस और सुधारात्मक सेवा अधिनियम लागू किया
कैदियों की अंतरराज्यीय आवाजाही और जेल प्रशासन में सुधार के लिए लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, दोपहर 3:07 · 2 मिनट का पाठ
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केंद्र सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर 'पंजाब पुलिस और सुधारात्मक सेवा अधिनियम, 2006' को चंडीगढ़ में लागू करने की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 के तहत लिया गया है, जिसमें कुछ संशोधनों के साथ इस कानून को चंडीगढ़ में लागू किया गया है। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य चंडीगढ़ और अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के बीच कैदियों की आवाजाही की प्रक्रिया को सरल बनाना और जेल प्रशासन में सुधार करना है।
इन नए सुधारों के तहत, चंडीगढ़ की जेलों में सजा काट रहे कैदियों, जिनमें आजीवन कारावास की सजा पाए कैदी भी शामिल हैं, उन्हें अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की जेल में स्थानांतरित किया जा सकेगा। हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए संबंधित राज्य सरकार की सहमति और चंडीगढ़ के प्रशासक द्वारा जारी आदेश की आवश्यकता होगी। इसी तरह, अन्य राज्यों की जेलों से कैदियों को चंडीगढ़ की जेल में लाने का प्रावधान भी इस कानून में किया गया है। इस नियम के तहत वे सभी कैदी शामिल हैं जिन्हें जेल की सजा हुई हो, मृत्युदंड मिला हो, जुर्माना भरने में विफल रहे हों या शांति बनाए रखने के लिए जमानत दी गई हो।
अंडरट्रायल यानी विचाराधीन कैदियों के मामले में भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। चंडीगढ़ की सुरक्षा, कानून और व्यवस्था बनाए रखने या जनहित में अंडरट्रायल कैदियों को अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में भेजा जा सकता है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकार की सहमति के साथ जिस अदालत में मामला लंबित है, उसकी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, इस नए संशोधन में सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए 'नो-फ्लाई ज़ोन' में हवाई वस्तुओं के संचालन को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं। अब किसी भी हवाई वस्तु का संचालन सिविल एविएशन के कानून के तहत सक्षम अधिकारी की अनुमति और विभाग की पूर्व मंजूरी के बाद ही किया जा सकेगा।
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