हैदराबाद में अवैध अंडा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़; पांच फर्टिलिटी सेंटरों के नाम आए सामने
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं का शोषण कर लाखों कमाने वाला रैकेट उजागर
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, रात 8:42 · अपडेट रात 8:53 · 2 मिनट का पाठ
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हैदराबाद में आर्थिक रूप से पिछड़े महिलाओं से अवैध रूप से अंडे (oocytes) एकत्र करने के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पुलिस ने कुछ एजेंटों के खिलाफ अपराध दर्ज किए हैं, लेकिन इस रैकेट में शामिल होने के आरोप में लगे अस्पतालों और फर्टिलिटी सेंटरों के खिलाफ अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण तेलंगाना महिला आयोग ने अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद में एक साथ की गई छापेमारी के दौरान 43 महिलाओं को बचाया गया था, जिसके बाद शोषण की यह घटना प्रकाश में आई। इस रैकेट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को लुभाया जा रहा था। महिलाओं को एक अंडा दान चक्र के लिए ₹20,000 से ₹30,000 के बीच राशि की पेशकश की जा रही थी। वहीं दूसरी ओर, इस अवैध व्यवसाय को चलाने वाले लोग प्रति चक्र औसतन ₹3 लाख कमा रहे थे।
तेलंगाना महिला आयोग की अध्यक्ष नेरेला शारदा ने प्रभावित महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें पता चला कि इस घोटाले में पांच संस्थानों के शामिल होने की संभावना है। इन संस्थानों में इंदिरा IVF सेंटर, नर्मदा फर्टिलिटी सेंटर, ओएसिस फर्टिलिटी सेंटर, सद्गुरु ART सेंटर और पद्माजा फर्टिलिटी सेंटर के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा, पीड़ित महिलाओं ने अपनी शिकायतों में डॉ. हुसैन नामक व्यक्ति का नाम भी दिया है।
महिला आयोग ने इस मामले में गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को अस्पतालों और प्रयोगशालाओं की व्यापक जांच करने के निर्देश दिए होने के बावजूद, अब तक किसी भी संस्थान के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। नेरेला शारदा ने चिंता व्यक्त की कि डॉ. हुसैन का अभी कोई पता नहीं है और उनके खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि प्रभावित महिलाओं द्वारा बताए गए अस्पतालों और IVF सेंटरों के खिलाफ तत्काल जांच शुरू की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं की शारीरिक स्वायत्तता, गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ी इन अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने में और देरी हुई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
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