पीसी मेमोरी विवाद के बाद सैम ऑल्टमैन ने अपना नाम बदलकर 'राम' रखा
ओपनएआई के सीईओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना नाम बदलकर 'राम ऑल्टमैन' कर लिया है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 1:38 · 4 मिनट का पाठ
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ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन को हाल ही में पर्सनल कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाली रैम (RAM) को लेकर की गई टिप्पणियों के कारण सोशल मीडिया पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस विवाद के बीच उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपना नाम बदलकर 'राम ऑल्टमैन' कर लिया है। यह बदलाव एक यूजर के सुझाव के बाद किया गया, जिसके जवाब में ऑल्टमैन ने 'ओके येह' कहकर सहमति जताई थी।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सैम ऑल्टमैन ने यूट्यूबर 'चीकी पिंटो' के साथ एक साक्षात्कार के दौरान वैश्विक स्तर पर कंप्यूटिंग क्षमता की सीमाओं के बारे में चर्चा की थी। इस दौरान उन्होंने पर्सनल कंप्यूटर में डेडिकेटेड डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (DRAM) रखने को वैश्विक संसाधनों की दृष्टि से 'बेहद भयावह' आवंटन बताया था। ऑल्टमैन का मानना था कि जब दुनिया में मेमोरी की कमी हो, तो हर व्यक्ति के कंप्यूटर में बड़ी मात्रा में रैम होना और उसका उपयोग केवल पांच प्रतिशत ही होना अक्षम है।
उन्होंने तर्क दिया था कि इस प्रकार के सीमित संसाधनों का उपयोग क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि अधिकतम उपयोगिता प्राप्त की जा सके। ऑल्टमैन ने स्थानीय स्तर पर पर्सनल कंप्यूटर पर ओपन-सोर्स एआई मॉडल चलाने के विचार का विरोध किया था। उनके अनुसार, इस तरह व्यक्तिगत मशीनों में रैम का भंडारण करना वैश्विक संसाधनों के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। इस बयान के बाद टेक जगत के कई दिग्गजों ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें एलन मस्क जैसे उद्योगपतियों ने ग्राहकों के लिए रैम का महत्व समझाया।
सोशल मीडिया पर हुए कड़े विरोध के बाद ऑल्टमैन ने स्पष्ट किया कि उनके बयानों को संदर्भ से हटकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि वे वास्तव में चाहते हैं कि दुनिया में प्रचुर मात्रा में मेमोरी उपलब्ध हो और लोग अपनी इच्छा के अनुसार अपने कंप्यूटर में मेमोरी लगा सकें। उन्होंने आगे कहा कि वे लंबे समय से दुनिया में मेमोरी के उत्पादन में वृद्धि करने की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बयानों का गलत अर्थ निकाला गया है।
यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां अत्याधुनिक मॉडल विकसित करने और चलाने के लिए कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का सामना कर रही हैं। ड्राम (DRAM) कंप्यूटिंग सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रोसेसर को आवश्यक डेटा अस्थायी रूप से स्टोर करने में मदद करता है। ऑल्टमैन की टिप्पणियों ने क्लाउड-आधारित एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय स्तर पर एआई मॉडल चलाना चाहने वाले उपयोगकर्ताओं के बीच मेमोरी की मांग को लेकर बहस को और तेज कर दिया है। यह प्रश्न टेक उद्योग के सामने एक बड़ी चुनौती है कि सीमित कंप्यूटिंग संसाधनों का बंटवारा कैसे किया जाए।
इसके अलावा, ऑल्टमैन ने एआई के भविष्य के बारे में भी बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को भविष्य पर से नियंत्रण नहीं खोना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओपनएआई उस विचार के खिलाफ है जिसमें मनुष्यों को केवल उन कामों को करने के लिए सीमित कर दिया जाए जिसे एआई सिस्टम उचित समझे। उनके अनुसार, एआई के विकास को सीमित करने के लिए मनुष्यों को भविष्य का नियंत्रण नहीं छोड़ना चाहिए।
सैम ऑल्टमैन एक जाने-माने टेक उद्यमी हैं, जो ओपनएआई के सीईओ के रूप में कार्यरत हैं। ओपनएआई एक अग्रणी संस्था है जो क्लोज्ड-सोर्स एआई मॉडल पर काम करती है और डेटा सेंटर्स के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान करती है। उनकी कंपनी द्वारा विकसित किए गए एआई मॉडल वर्तमान में दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं।
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