जयशंकर ने रशिया, यूक्रेन और यूरोप के साथ सुरक्षा और अनाज निर्यात पर चर्चा की
जी२० बैठक के दौरान भारत ने नागरिक शिपिंग और ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर जोर दिया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, शाम 6:54 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
अमेरिका के अटलांटा में शुक्रवार और शनिवार को आयोजित जी२० विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया है कि, भारत ने रशिया, कीव और यूरोपीय देशों के साथ यूक्रेन संघर्ष के तीन मुख्य पहलुओं पर चर्चा की है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जयशंकर ने खुलासा किया था कि इन चर्चाओं में नागरिक शिपिंग और समुद्री नाविकों को हमलों से बचाना, रशिया और यूक्रेन से अनाज के निर्यात को बहाल करना और ऊर्जा से संबंधित मुद्दे शामिल थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, काले सागर (ब्लैक सी) के माध्यम से होने वाले अनाज के निर्यात में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसे फिर से शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और ईंधन के जहाजों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है। जयशंकर ने ऊर्जा के मुद्दे को सबसे जटिल बताया, क्योंकि ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के अर्थ अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। उनके अनुसार, कुछ के लिए इसका अर्थ रिफाइनरी हो सकता है, तो कुछ के लिए यह ग्रिड हो सकता है। साथ ही ईंधन ले जाने वाले जहाजों से संबंधित समस्याएं भी शामिल हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, भारत लगातार सभी पक्षों से इन मुद्दों को हल करने का आह्वान कर रहा है। विदेश मंत्री ने जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर में आयोजित १८वें ब्रिक्स समिट के दौरान रशिया के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ इस संघर्ष पर चर्चा की थी। जयशंकर ने बताया कि वे पहले मॉस्को गए थे और अटलांटा में भी उन्होंने रशिया के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से इस बारे में बात की थी। इसके अलावा, वे कीव की यात्रा पर गए थे और यूक्रेनी पक्ष के साथ भी संपर्क में हैं।
भारत इन सभी मामलों में अमेरिका के साथ भी समन्वय साध रहा है, क्योंकि अमेरिका की अपनी शांति मध्यस्थता पहल है। अटलांटा में जी२० बैठक की साइडलाइन पर जयशंकर और लावरोव के बीच यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया और व्यापक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। भारत रशिया और यूक्रेन दोनों के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक बैठकों के माध्यम से संपर्क बनाए रख रहा है और लगातार ऐसा मानता आया है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को हल करने के लिए संवाद और कूटनीतिक मार्ग अनिवार्य हैं।
जी२० बैठक के दौरान, जयशंकर ने सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक जुड़ाव पर जोर दिया था। उन्होंने बताया था कि केवल सैन्य समाधान जटिल वैश्विक चुनौतियों को हल नहीं कर सकते हैं। यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो द्वारा आयोजित पहले पूर्ण सत्र में उन्होंने जोर देकर कहा था कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सैन्य समाधान काम नहीं करेंगे और कूटनीतिक प्रयासों को मौका दिया जाना चाहिए। इस बात को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी पोस्ट किया था।
जयशंकर ने आगे बताया कि नागरिक शिपिंग और समुद्री नाविकों पर होने वाले हमलों के प्रभावों का असमान बोझ 'ग्लोबल साउथ' के देश सहन कर रहे हैं। ये हमले ईंधन, भोजन और कृषि पोषक तत्वों की उपलब्धता और किफायती कीमतों के लिए जोखिम पैदा करते हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा इस हफ्ते की शुरुआत में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले ८ महीनों में पश्चिम एशिया के युद्ध में भारत के २२ नागरिकों ने जान गंवाई है, जिसमें १४ समुद्री नाविक शामिल हैं।
इस यात्रा के दौरान जयशंकर ने पोलैंड के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से भी मुलाकात की थी। इस बैठक में यूक्रेन संघर्ष, भारत-यूरोपीय संघ संबंधों और जी२० से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए