नाबालिग के यौन शोषण के मामले में गोवा पुलिस इंस्पेक्टर और महिला गिरफ्तार
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दो बार घटना घटने का आरोप
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 2:24 · अपडेट सुबह 2:36 · 3 मिनट का पाठ
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गोवा पुलिस ने बुधवार को एक नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में 40 वर्षीय निलंबित पुलिस इंस्पेक्टर और इस अपराध में मदद करने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। यह घटना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में हुई बताई जा रही है। गिरफ्तार पुलिस अधिकारी का नाम विकास देयकर है, जबकि उनके साथ आरोपी महिला का नाम 37 वर्षीय रजनी पालेकर है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित नाबालिग ने अपनी शिकायत में बताया कि इस वर्ष 25 जुलाई और 27 अक्टूबर को जब वह साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन गई थी, तब उसे कपड़े उतारने के लिए कहा गया था और उसके साथ अनुचित तरीके से स्पर्श किया गया था। इस तरह दो अलग-अलग मौकों पर उसके साथ यौन शोषण किए जाने का गंभीर आरोप है।
उत्तर गोवा के पुलिस अधीक्षक राहुल गुप्ता ने एक बयान में बताया कि दोनों आरोपियों ने पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 35(3) के तहत दिए गए नोटिस के अनुपालन में जांच में सहयोग किया था। हालांकि, बुधवार को जब उनसे और पूछताछ की गई, तो उनके बयानों में महत्वपूर्ण विसंगतियां पाई गईं। मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं पर दोनों आरोपी संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे थे।
एसपी राहुल गुप्ता ने आगे कहा कि जांच के दौरान एकत्र किए गए सबूतों, अपराध में उनकी कथित संलिप्तता, सहयोग की कमी और हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए यह गिरफ्तारी की गई है। इसके अलावा, पुलिस को आशंका थी कि यदि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
विकास देयकर क्राइम ब्रांच के साइबर क्राइम विभाग में पुलिस इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत थे। उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज होने के बाद उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
ओल्ड गोवा पुलिस स्टेशन से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि देयकर और पालेकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 75 (यौन शोषण), धारा 127 (गलत तरीके से बंधक बनाना), धारा 49 (अपराध में मदद करना) और धारा 61(2)(ए) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही इन धाराओं को BNS की धारा 3(5) और पोक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 10 और 12 के साथ पढ़कर मामला दर्ज किया गया है।
इस पूरी घटना ने पुलिस स्टेशन जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर नाबालिग के साथ हुए दुर्व्यवहार के कारण चर्चा छेड़ दी है। पुलिस फिलहाल इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि अपराध की सभी कड़ियां जोड़ी जा सकें और पीड़िता को न्याय मिल सके।
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