औद्योगिक उत्पादन में गुजरात सबसे आगे, जबकि राष्ट्रीय आय में महाराष्ट्र प्रथम स्थान पर
देश की 2.18 लाख फैक्ट्रियों में 2.10 करोड़ लोगों को मिला रोजगार
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, सुबह 7:08 · 3 मिनट का पाठ
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भारत के औद्योगिक क्षेत्र के हालिया सर्वेक्षण में गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, देश के औद्योगिक मानचित्र पर विनिर्माण क्षेत्र में गुजरात सबसे आगे रहा है, जबकि राष्ट्रीय आय में योगदान के मामले में महाराष्ट्र प्रथम स्थान पर है। दूसरी ओर, देश में फैक्ट्रियों की संख्या के मामले में तमिलनाडु सबसे आगे है।
सांख्यिकी मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में छोटी फैक्ट्रियों की संख्या सबसे अधिक है, लेकिन कुल पूंजी का 79.59 प्रतिशत हिस्सा बड़े उद्योगों के पास है। सांख्यिकीय विवरण दर्शाते हैं कि देश की कुल 2.18 लाख फैक्ट्रियों में 2.10 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। औसत एक फैक्ट्री में 96 लोग काम करते हैं। एक औसत फैक्ट्री में 2,339 लाख रुपये की स्थायी पूंजी निवेशित होती है, जो 7,561 लाख रुपये मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करती है। इस प्रक्रिया के माध्यम से राष्ट्रीय आय में 1,052 लाख रुपये का शुद्ध मूल्य संवर्धन (Net Value Addition) होता है।
वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, इन सभी फैक्ट्रियों ने अपने कर्मचारियों को कुल 8.03 लाख करोड़ रुपये का वेतन भुगतान किया है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तमिलनाडु के मजबूत फैक्ट्री नेटवर्क, गुजरात की निवेश और उत्पादन क्षमता तथा महाराष्ट्र के मूल्य संवर्धन और औद्योगिक उत्पादकता के समन्वय की आवश्यकता है। भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए छोटी फैक्ट्रियों को सस्ती पूंजी, आधुनिक मशीनरी और बाजार से जोड़ना अनिवार्य है।
मुख्य उद्योगों के योगदान की बात करें तो, खाद्य उत्पादन उद्योग में उत्तर प्रदेश 22.02 प्रतिशत योगदान के साथ सबसे आगे है। खाद्य उद्योग के कुल उत्पादन में उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की संयुक्त हिस्सेदारी 37.61 प्रतिशत है। वहीं रसायन और केमिकल उत्पादन उद्योग में गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश मिलकर कुल 56.31 प्रतिशत उत्पादन करते हैं।
रोजगार प्रदान करने के मामले में खाद्य उत्पादन उद्योग 11.24 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ प्रथम स्थान पर है। इसके बाद कपड़ा उद्योग 8.37 प्रतिशत और बेसिक मेटल उद्योग 7.54 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आता है। ये तीन क्षेत्र रोजगार के मुख्य स्रोत साबित हुए हैं।
सकल मूल्य संवर्धन (GVA) की दृष्टि से देखें तो, बेसिक मेटल उद्योग 11.58 प्रतिशत योगदान के साथ प्रथम स्थान पर है। मोटर वाहन उद्योग का योगदान 9.54 प्रतिशत और रसायन एवं केमिकल उत्पादों का योगदान 8.45 प्रतिशत रहा है। इसके अलावा, फार्मास्युटिकल उद्योग 8.08 प्रतिशत और खाद्य उत्पादन 7.87 प्रतिशत योगदान के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन छह मुख्य उद्योगों ने मिलकर देश के कुल सकल मूल्य संवर्धन में 52.41 प्रतिशत योगदान दिया है। इन उद्योगों की कुल स्थायी पूंजी में भी 50.01 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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