चीन के टनल-डिगिंग मशीनों पर प्रतिबंध से भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को होगी असर
चीन की नई निर्यात नियंत्रण नीति से भारत के बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ सकता है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, दोपहर 2:36 · अपडेट दोपहर 1:14 · 1 मिनट का पाठ
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द टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के मुताबिक, चीन द्वारा निर्माण उपकरणों के निर्यात पर नियंत्रणों को अधिक कड़े बनाए जा रहे हैं, जिसकी सीधी असर भारत में चल रहे महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकती है। इन नए नियंत्रणों के अमल में आने से टनल-बोरिंग मशीनों के साथ-साथ उसके लिए जरूरी आवश्यक उपकरण प्राप्त करने में मुश्किल खड़ी होगी।
इस स्थिति से निपटने के लिए भारत ने चीनी मशीनरी पर की अपनी निर्भरता घटाने की रणनीति बनाई है। इस अंतर्गत देश में ही स्थानीय उत्पादन और निवेश को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर बनने के प्रयास हाथ में लिए जाएंगे। बढ़ती हुई मांग से निपटने के लिए विभिन्न भारतीय कंपनियों द्वारा अब देश में ही अपने निर्माण उपकरणों का उत्पादन करने की संभावनाओं की जांच की जा रही है।
विश्लेषकों के मत में, चीन के इन निर्यात प्रतिबंधों के कारण भारत और चीन के बीच के विवादित हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के कार्यों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रोड और सुरंगों के निर्माण के लिए इस प्रकार के विशाल टनल-डिगिंग मशीनें अत्यंत आवश्यक माने जाते हैं।
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