हॉर्मुज जलमार्ग में दो तेल टैंकरों में विस्फोट और आग
ईरान का दावा: प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते समय जहाज नौसेना के बारूदी सुरंगों से टकराए
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, सुबह 10:36 · 4 मिनट का पाठ
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हॉर्मुज जलमार्ग में दो तेल टैंकरों में जोरदार विस्फोट होने की खबरें सामने आई हैं। ईरान ने इस घटना के संबंध में दावा किया है कि ये जहाज नौसेना की बारूदी सुरंगों (माइन्स) से टकरा गए थे। इस घटना के कारण समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के अनुसार, ये दोनों जहाज प्रतिबंधित समुद्री मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान वे कथित तौर पर नौसेना की बारूदी सुरंगों से टकरा गए। इन जहाजों में एक सुपरटैंकर भी शामिल है। ईरान के सरकारी समाचार चैनल प्रेस टीवी ने IRGC नौसेना के जनसंपर्क कार्यालय के बयान का हवाला देते हुए बताया कि, एक टैंकर में जोरदार विस्फोट होने के बाद आग लग गई थी।
ईरानी नौसेना ने इन जहाजों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नौसेना के अनुसार, दोनों जहाजों ने अपनी नेविगेशन और पहचान प्रणाली (आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) बंद कर दी थी। इसके अलावा, प्रतिबंधित मार्ग पर न जाने के लिए दी गई कई चेतावनियों को भी इन जहाजों ने नजरअंदाज किया था।
इस घटनाक्रम के बीच ब्रिटेन की सी मर्चेंट ऑपरेशंस एजेंसी (UKMTO) ने भी हॉर्मुज जलमार्ग में एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले की जानकारी दी है। UKMTO द्वारा 1 नवंबर को जारी की गई चेतावनी में बताया गया है कि, उन्हें अंतरराष्ट्रीय समय के अनुसार लगभग 15:09 बजे इस घटना की जानकारी मिली थी। एजेंसी के अनुसार, एक वाणिज्यिक जहाज के कप्तान ने रेडियो के माध्यम से आपातकालीन संदेश भेजकर बताया कि एक अन्य जहाज पर अज्ञात वस्तु द्वारा हमला किया गया है। UKMTO ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी है।
समुद्री मार्गों पर होने वाले इन हमलों को लेकर सऊदी अरब ने भी आक्रोश व्यक्त किया है। सऊदी अरब ने कतर गैस ट्रांसपोर्ट कंपनी के जहाज 'अल मयदा' पर अरब सागर में हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस जहाज का उपयोग तरल प्राकृतिक गैस (LNG) के परिवहन के लिए किया जाता है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि, समुद्री मार्गों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालने वाली घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। सऊदी अरब ने कतर के साथ एकजुटता दिखाई है और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी कतर के जहाज अल मयदा को निशाना बनाने की घटना की निंदा की है। इन घटनाओं के साथ समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इससे पहले 30 अक्टूबर को भी एक टैंकर पर हमला हुआ था। UKMTO ने जानकारी दी थी कि 30 अक्टूबर को ओमान के खसाब शहर से लगभग 25 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ था। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक छोटी नाव टैंकर के पास पहुंची थी और उसने जहाज के पानी की सतह से ऊपर के हिस्से में दो विस्फोटक उपकरण लगाए थे। इस हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी और टैंकर ने कुछ समय के लिए काम करना बंद कर दिया था। हालांकि, इस घटना में जहाज के सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए थे।
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