चावड़ी बाजार बिल्डिंग हादसे में फरीदाबाद से तीन ठेकेदार गिरफ्तार
निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने की घटना में दो लोगों की मौत हुई है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 8:55 · अपडेट सुबह 9:07 · 4 मिनट का पाठ
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दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत गिरने की घटना के संबंध में हरियाणा के फरीदाबाद जिले से तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को फरीदाबाद जिले के दौज और तहसील के सिरोही गांव से पकड़ा। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान ताजुद्दीन (पुत्र सेमुद्दीन, निवासी 4409 गली सितारा अजमेरी गेट, दिल्ली), फुरकान (पुत्र अब्दुल हफीज, निवासी 2994 गली नाल वाली शाहगंज चौक अजमेरी गेट, दिल्ली) और सिराज (पुत्र लेफ्टिनेंट अब्दुल सकूर, निवासी एच. नंबर 4282 गली सितारा अजमेरी गेट, दिल्ली) के रूप में की गई है।
यह पूरी घटना गुरुवार सुबह लगभग 9:50 बजे पुरानी दिल्ली के दिल्ली-6 क्षेत्र में स्थित चावड़ी बाजार की गली शीशमहल में हुई। यहाँ एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई। इस भयानक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान मंडावली की रेलवे कॉलोनी के निवासी किशोरी (40 वर्ष) और संजीत (45 वर्ष) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके कारण तलाशी अभियान जारी रखा गया था।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, गली शाहतारा स्थित शीशमहल में इमारत गिरने की सूचना मिली थी, जो चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के ठीक सामने स्थित है। फायर सर्विस के अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम ने मलबे से दो शव निकाले। फायर ब्रिगेड की टीम के मौके पर पहुँचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर पांच घायल व्यक्तियों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया था। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में दमकल की कई गाड़ियों द्वारा बचाव कार्य चलाया गया और मलबे में फंसे अन्य लोगों की खोज के लिए अभियान जारी रखा गया।
इस घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने इस मामले में गहन जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से ठेकेदारों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया।
दूसरी ओर, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को ही दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) शामिल हैं। इसके साथ ही MCD ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
इमारत गिरने के कारणों के बारे में MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया कि जिस प्लॉट पर यह तीन मंजिला इमारत गिरी थी (जिसमें चौथी मंजिल का काम चल रहा था), उसका कुल क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस इमारत के लिए किसी भी प्रकार की भवन निर्माण योजना (Building Plan) मंजूर नहीं की गई थी। इसके अलावा, नगर निगम को इस अवैध निर्माण के संबंध में कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। अधिकारी ने आगे बताया कि निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन लगभग 15 दिन पहले इसे रोक दिया गया था।
जांच में पता चला है कि हादसे के समय मजदूर छत के नीचे लगे सपोर्ट (सहारे) हटाने का काम कर रहे थे, जिसके कारण इमारत ढह गई। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण में जिस सामग्री का उपयोग किया गया था वह इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं था और सीमेंट-कंक्रीट का मिश्रण ठीक से नहीं जमा था, जिससे ढांचा कमजोर हो गया था।
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