वेल्लोर और तिरुपत्तुर में 72 किलो गांजा और गुटखा जब्त, 6 गिरफ्तार
पुलिस ने स्निफर डॉग्स की मदद से रेलवे स्टेशन और बस डिपो पर सर्च ऑपरेशन चलाया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 1:15 · अपडेट दोपहर 1:22 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
तमिलनाडु के वेल्लोर और तिरुपत्तुर जिलों में पुलिस द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान 72 किलोग्राम गांजा और गुटखा जब्त किया गया है। बुधवार को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ड्रग्स के व्यापार में शामिल छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान 32 वर्षीय राजेश कुमार, 52 वर्षीय अली खान, 37 वर्षीय सुरेश, 53 वर्षीय अकबर, 35 वर्षीय हरीश और 65 वर्षीय बलरामन के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी वेल्लोर और तिरुपत्तुर जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं।
यह पूरा ऑपरेशन वेल्लोर के पुलिस अधीक्षक एन.यू. शिवरामन और तिरुपत्तुर के पुलिस अधीक्षक अक्षय अनिल वखरे के आदेशों पर चलाया गया था। दोनों जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर अचानक जांच करने के लिए पुलिस द्वारा विशेष टीमों का गठन किया गया था।
दिन भर चले इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस जांच में स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई। इस कार्रवाई के दौरान दोनों जिलों से कुल 35 किलोग्राम गांजा और 37 किलोग्राम गुटखा जब्त किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये प्रतिबंधित पदार्थ मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के एजेंटों से प्राप्त किए गए थे। इस माल को वेल्लोर, राणीपेट, श्रीपेरंबुदुर, वानियाम्बाडी, अंबुर और चेय्यार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बेचने की योजना थी।
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की जांच की जा रही है।
પંજાબમાં કર્મભૂમિ એક્સપ્રેસના ૪ ડબ્બાઓમાં ભીષણ આગ, મુસાફરોએ જીવ બચાવવા ટ્રેનમાંથી કૂદકો માર્યો
અમૃતસરથી ન્યૂ જલપાઈગુડી જઈ રહેલી ટ્રેનમાં પેન્ટ્રીથી આગ શરૂ થયાના અંદાજિત સમાચાર, ૮ ટ્રેનોના રૂટ ડાયવર્ટ કરાયા
ખ્રિસ્તી સમુદાયના હુમલાઓના મુદ્દે આરએસએસ નેતા સાથે બેઠક યોજાઈ
બંગિયા ક્રિસ્તીય પરિસેબાના પ્રતિનિધિઓએ ચર્ચ અને પ્રાર્થના સભાઓ પર થયેલા હુમલાઓ અંગે ચિંતા વ્યક્ત કરી
स्कूलों में शौचालय की सुविधा के अभाव का बेटियों की शिक्षा पर बुरा असर
स्वच्छ और निजी शौचालय न होने के कारण मासिक धर्म के दौरान लड़कियां स्कूल जाने से बचती हैं।