TRAI द्वारा इंटरकनेक्ट एग्रीमेंट्स रेगुलेशंस 2026 घोषित
नए संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 3:24 · 3 मिनट का पाठ
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टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने 'द रजिस्टर ऑफ इंटरकनेक्ट एग्रीमेंट्स (चौथा संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' घोषित किए हैं। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य इंटरकनेक्ट समझौतों के पंजीकरण और रखरखाव के ढांचे को आधुनिक बनाना है।
दूरसंचार में इंटरकनेक्शन का अर्थ उन वाणिज्यिक और तकनीकी व्यवस्थाओं से है जो दो या दो से अधिक दूरसंचार नेटवर्क को एक-दूसरे से जोड़ती हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न नेटवर्क के बीच दूरसंचार ट्रैफिक का आदान-प्रदान संभव हो पाता है, जिससे विभिन्न सेवा प्रदाताओं के उपयोगकर्ता एक-दूसरे के साथ आसानी से संवाद कर सकते हैं। रजिस्टर ऑफ इंटरकनेक्ट एग्रीमेंट्स रेगुलेशंस, 1999 सेवा प्रदाताओं के बीच ऐसे समझौतों के पंजीकरण के लिए नियामक ढांचा प्रदान करता है।
PIB अहमदाबाद की रिपोर्ट के अनुसार, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्ट, 1997 की धारा 11(1)(b) के उप-खंड (vii) और (viii) के तहत TRAI को इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर बनाए रखने का अधिकार देते हैं। इसके अलावा, निर्धारित शुल्क के भुगतान और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद, इस रजिस्टर को सार्वजनिक जांच के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार भी TRAI के पास है।
इस नियामक ढांचे की समीक्षा की प्रक्रिया 03.04.2025 को 'इंटरकनेक्शन मामलों पर वर्तमान TRAI रेगुलेशंस की समीक्षा' पर प्री-कंसल्टेशन पेपर के माध्यम से शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सेवा प्रदाताओं के बीच प्रासंगिक, पारदर्शी और कुशल इंटरकनेक्शन सुनिश्चित करना था। इस पेपर के माध्यम से रजिस्टर ऑफ इंटरकनेक्ट एग्रीमेंट्स रेगुलेशंस, 1999 की समीक्षा के लिए हितधारकों से टिप्पणियां मांगी गई थीं।
इसके बाद, 10.11.2025 को कंसल्टेशन पेपर जारी किया गया था। इस प्रक्रिया के दौरान लिखित टिप्पणियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15.12.2025 और टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया के लिए 29.12.2025 निर्धारित की गई थी। इस दौरान 17 हितधारकों ने अपनी टिप्पणियां प्रस्तुत कीं और 9 हितधारकों ने प्रतिक्रियाएं दीं। परामर्श प्रक्रिया के हिस्से के रूप में 28.01.2026 को एक ओपन हाउस डिस्कशन (OHD) भी आयोजित किया गया था। हितधारकों के विश्लेषण के बाद इन संशोधनों को अंतिम रूप दिया गया है।
नए संशोधित नियम पंजीकरण, सबमिशन और एक्सेस प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के माध्यम से प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाएंगे। समयबद्ध जानकारी प्रस्तुत करने और श्रेणीबद्ध वित्तीय दंड (graded financial disincentives) से संबंधित प्रावधानों से नियामक निगरानी और अनुपालन आसान हो जाएगा। इससे प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और नियामक निश्चितता में वृद्धि होगी। इन नियमों का पूरा टेक्स्ट TRAI की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए सलाहकार श्री समीर गुप्ता से संपर्क किया जा सकता है।
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