दुनिया भर में बसे एनआरआई द्वारा दिवाली 2026 का भव्य उत्सव
अमेरिका, यूके और खाड़ी देशों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक व्यंजनों के साथ उत्सव का माहौल
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 11:24 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
वर्ष 2026 के दिवाली के त्योहार के अवसर पर दुनिया भर में बसे भारतीय समुदायों और एनआरआई (NRI) द्वारा विभिन्न परंपराओं का संरक्षण किया जा रहा है। Business Standard की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, यूके और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों द्वारा यह त्योहार मनाया जा रहा है।
इन उत्सवों में सांस्कृतिक प्रदर्शनियां और पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। जैसे-जैसे 8 नवंबर नजदीक आ रहा है, भारतीय समुदाय इस त्योहार को मनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। इस प्रकार विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रख रहे हैं।
दिवाली रोशनी का त्योहार है जो भारतीय समुदायों को एक साथ लाने का काम करता है। विदेशों में रहने वाले लोग इस त्योहार के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी विरासत का प्रदर्शन करते हैं।
दिवाली, जिसे दीपावली के रूप में भी जाना जाता है, हिंदुओं का रोशनी का त्योहार है। इसके अलावा, जैन धर्म और सिख धर्म जैसे अन्य भारतीय धर्मों में भी इसके विभिन्न रूप मनाए जाते हैं। यह त्योहार अधर्म पर धर्म की, अंधकार पर प्रकाश की, बुराई पर अच्छाई की और अज्ञान पर ज्ञान की आध्यात्मिक विजय का प्रतीक है। दिवाली हिंदू लुनीसोलर महीनों अश्विन और कार्तिक के दौरान मनाई जाती है, जो लगभग मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर तक की अवधि है। सामान्यतः यह उत्सव पांच या छह दिनों तक चलता है।
પંજાબમાં કર્મભૂમિ એક્સપ્રેસના ૪ ડબ્બાઓમાં ભીષણ આગ, મુસાફરોએ જીવ બચાવવા ટ્રેનમાંથી કૂદકો માર્યો
અમૃતસરથી ન્યૂ જલપાઈગુડી જઈ રહેલી ટ્રેનમાં પેન્ટ્રીથી આગ શરૂ થયાના અંદાજિત સમાચાર, ૮ ટ્રેનોના રૂટ ડાયવર્ટ કરાયા
भारत को उसी डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत करनी होगी जिसे हम जानते हैं: शशि थरूर
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद भी ट्रंप विदेश नीति में स्वतंत्र रहेंगे
ईसाई समुदाय पर हमलों के मुद्दे पर आरएसएस नेता के साथ बैठक आयोजित
बंगिया क्रिस्तीय परिसेबा के प्रतिनिधियों ने चर्च और प्रार्थना सभाओं पर हुए हमलों पर चिंता व्यक्त की