यूक्रेन के नीप्रो रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन हमला, 13 की मौत
रूस के जेट-पावर्ड ड्रोन हमले में प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों को निशाना बनाया गया था
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:27 · अपडेट रात 11:15 · 5 मिनट का पाठ
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रूस द्वारा यूक्रेन के नीप्रो शहर में किए गए भयानक ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है और 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं। गुरुवार सुबह जब नीप्रो रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ थी, तब रूस ने जेट-पावर्ड ड्रोन के जरिए यह हमला किया। DW की रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 तक पहुंचने की भी पुष्टि की गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक सामान्य लोकल ट्रेन और एक नियमित पैसेंजर ट्रेन खड़ी थी।
यूक्रेनी रेलवे ऑपरेटर 'उक्रज़ालिज़्नित्सिया' (Ukrzaliznytsia) ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में बताया कि जो ट्रेन स्टेशन पर खड़ी थी, वह ज़ापोरिज़िया जाने वाली थी। यह ट्रेन नंबर 866 (नीप्रो-ज़ापोरिज़िया) थी। यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि दिन के दौरान हुए इस हमले में तीन ड्रोनों को मार गिराया गया था, लेकिन चौथा ड्रोन रक्षा व्यवस्था को भेदकर स्टेशन से टकरा गया। रेलवे प्रमुख ओलेक्संद्र पर्टसोवस्की ने फेसबुक पर बताया कि हालांकि 'उच्च खतरे' (elevated threat level) की चेतावनी दी गई थी, फिर भी दुर्भाग्य से प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस हमले को 'भयानक' बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने X पर लिखा कि रूसी उद्योगपतियों और रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर से कुछ प्रतिबंध हटाने के बाद रूस ने तनाव कम करने के बजाय हमारे लोगों पर कितने आतंकवादी हमले किए हैं? ज़ेलेंस्की ने अमेरिका, यूरोप और G7 से रूस की युद्ध मशीनरी के खिलाफ नए और अधिक मजबूत प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक रूसी युद्ध जारी रहेगा, तब तक मॉस्को के खिलाफ प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए।
नीप्रो के मेयर बोरिस फिलाटोव ने भी इस घटना को एक 'दुर्घटना' करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि एक ड्रोन के जरिए नागरिकों की इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया गया था। सोशल मीडिया पर फैली तस्वीरों में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर शव बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे और पुलिस अधिकारी वहां मदद कर रहे थे। यूक्रेनी आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर काम कर रही हैं। यूक्रेनी प्रधानमंत्री सर्गेई कोरेत्स्की ने भी इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि रूस जानबूझकर ट्रेनों, स्टेशनों और आवासीय इमारतों में नागरिकों को निशाना बना रहा है और इस आतंकवाद का कोई बहाना नहीं हो सकता।
इस हमले के साथ ही यूक्रेन के अन्य इलाकों में भी रूसी हमलों में अन्य पांच लोगों की मौत होने की जानकारी अधिकारियों ने दी है। उत्तर में कीव के पास स्थित चेर्निगिव शहर के मध्य में हुए हमले में 15 साल की दो लड़कियां मारी गईं और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। वहीं क्रेमेनचुक में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हुई और एक छह साल के बच्चे सहित कई लोग घायल हुए।
रूस फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के शुरुआती दिनों से ही ट्रेनों और स्टेशनों को निशाना बना रहा है, जिसके कारण सैकड़ों लोकोमोटिव नष्ट हो गए हैं और रेलवे कर्मचारियों तथा यात्रियों ने जान गंवाई है। यूक्रेन का रेलवे नेटवर्क देश में परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि युद्ध के कारण व्यावसायिक हवाई यात्रा बंद है। सितंबर महीने में ही ड्रोन हमले के खतरे के कारण 5,800 से अधिक ट्रेनों को खाली कराना पड़ा था। जब भी संभावित हमले की जानकारी मिलती है, तब ट्रेन को रोक दिया जाता है और यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर इंतजार करने के लिए कहा जाता है।
उल्लेखनीय है कि रूस ने 2026 में अब तक 1,700 से अधिक रेलवे सुविधाओं पर हमला किया है, जिसमें स्टेशन, लोकोमोटिव और पैसेंजर वैगन शामिल हैं। ये हमले यूक्रेन की महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने के रूस के अभियान का हिस्सा हैं। इस बीच, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी रूस द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने की घटना पर 'गहरी चिंता' व्यक्त की और कहा कि रूस को बातचीत की मेज पर लाने के लिए अधिक प्रयासों की आवश्यकता है। रूस और यूक्रेन अगले महीने अमेरिकी प्रतिनिधियों की उपस्थिति में युद्ध का अंत करने के लिए चर्चा कर सकते हैं, लेकिन रूस पूर्वी यूक्रेन में अधिक क्षेत्रों की मांग कर रहा है, जबकि यूक्रेन इससे समझौता करने को तैयार नहीं है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ओलेशकी जैसे शहरों में स्थानीय युद्धविराम का प्रयास किया जा रहा है। ओलेशकी में रहने वाले लोगों को भोजन की कमी के कारण कब्जे वाले इलाकों में कबूतरों का शिकार करके खाने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। रूस ने हाल ही में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर भी हमले बढ़ा दिए हैं ताकि सर्दियों के दौरान यूक्रेन को अंधेरे और ठंड में धकेला जा सके।
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