जालौन में बहन द्वारा फोन छीन लेने पर आठ वर्षीय बच्चे ने फांसी लगाई
मोबाइल पर रील देखने को लेकर भाई-बहन के बीच हुआ था झगड़ा, माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:10 · 6 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
आजतक और इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद के बाद आठ वर्षीय एक मासूम बच्चे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त विवरण के अनुसार, यह दुर्घटना जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डोंगरपुरवा गांव में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना ३ नवंबर के दिन घटी थी, जब रितिक नामक आठ वर्षीय बच्चा अपने घर पर था और अपनी बड़ी बहन के साथ मोबाइल फोन पर रील देख रहा था। उसकी बहन उससे लगभग डेढ़ साल बड़ी है। थोड़ी देर पहले ही जिस घर के अंदर भाई-बहन के बीच मोबाइल पर रील देखने को लेकर हंसी-मज़ाक और छोटी-मोटी नोकझोंक तथा बातचीत चल रही थी, वहां अचानक ही स्थिति बदल गई और घर में चीख-पुकार मच गई।
रिपोर्टों में बताए गए अनुसार, जब भाई-बहन मोबाइल पर रील देख रहे थे, उस दौरान उसकी बड़ी बहन ने अचानक उससे मोबाइल फोन छीन लिया था। बहन द्वारा फोन वापस ले लेने और छीन लिए जाने से आठ वर्षीय बच्चा बेहद गुस्से में आ गया और नाराज हो गया। इस नाराजगी और गुस्से में वह तुरंत कमरे के अंदर चला गया और वहीं उसने फांसी लगा ली।
परिवार के अनुसार, बच्चे ने कमरे में जाकर कपास के एक तौलिया को हुक से बांधकर फांसी लगाई थी। जिस समय यह गंभीर घटना घटी, उस निश्चित समयावधि के दौरान बच्चे के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे, वे घर से बाहर गए थे। जब माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को इस अनहोनी और दुर्घटना के बारे में जानकारी मिली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई थी और उनके होश उड़ गए थे। घर में अचानक कोहराम मच गया और इस पूरी घटना के कारण पूरे डोंगरपुरवा गांव में सन्नाटा तथा मातम छा गया। परिवार के लिए यह एक ऐसा आघात है जिसकी कभी भरपाई नहीं की जा सकती और इस दुर्घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बहुत बुरा हाल हो गया है।
इस मामले की सूचना मिलते ही कुठौंद थाने की पुलिस तत्काल घटनास्थल पर दौड़ पड़ी थी। पुलिस के साथ ही जालौन क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजय कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे और स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया था। इसके अलावा, पुलिस के साथ एक फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची थी और वहां से सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए थे।
कुठौंद थाना पुलिस और अधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद शव को अपने कब्जे में लिया था। पुलिस ने नियमानुसार पंचनामा की कार्रवाई पूरी की थी और उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों द्वारा प्राथमिक जांच और पूछताछ भी की गई है।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजय कुमार सिंह ने बताया था कि पुलिस द्वारा जो प्राथमिक जानकारी एकत्र की गई है, उसमें यह बात सामने आई है कि आठ वर्षीय बच्चे का अपनी डेढ़ साल बड़ी बहन के साथ मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर झगड़ा और विवाद हुआ था। परिवार ने भी पुलिस को दी गई जानकारी में बताया है कि भाई-बहन के बीच मोबाइल फोन को लेकर ही झगड़ा हुआ था, जो इस घटना का स्पष्ट कारण प्रतीत होता है।
इस घटना को ध्यान में रखते हुए सीओ अजय कुमार सिंह ने कम उम्र के बच्चों में मोबाइल फोन के प्रति विकसित हो रही मानसिकता और उनके रवैये पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया है कि यह घटना इस बात पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि किन परिस्थितियों में बच्चे ऐसे चरम कदम उठाने को मजबूर होते हैं। उन्होंने जोर देकर बताया है कि सभी अभिभावकों और पालकों को इस बात को लेकर बेहद सतर्क और सावधान रहने की बहुत जरूरत है। पालकों को यह ध्यान रखना होगा कि बच्चों को मोबाइल फोन कितना और कैसे इस्तेमाल करने देना चाहिए।
अधिकारी ने सलाह देते हुए बताया है कि बच्चों से मोबाइल वापस लेने के लिए अचानक उन पर गुस्सा होने, उन्हें डांटने या उनके साथ झगड़ा करने के बजाय उन्हें हमेशा प्यार से समझाना ज्यादा उचित और बेहतर है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि यदि कोई बच्चा किसी भी बात को लेकर बहुत ज्यादा परेशान, गुस्से में या एकांत में तथा असहज दिखाई दे, तो पालकों की जिम्मेदारी है कि वे उस बच्चे की बात शांति से सुनें और उसे पूरा भरोसा दिलाएं।
डोंगरपुरवा गांव में हुई इस घटना ने हर परिवार के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों के हाथों में मोबाइल देने के साथ-साथ उनके मन की बात सुनने और उन्हें समझने के लिए हम कितना समय निकालते हैं। रिपोर्टों में इस तरह की संकट की स्थिति के लिए सरकारी हेल्पलाइन नंबरों का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें भारत सरकार की जीवन साथी हेल्पलाइन 18002333330 तथा टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 शामिल हैं, जहां ऐसी मुश्किल परिस्थितियों में परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए