क्राइम ब्रांच ने केरल पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन और सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की
फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर और असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की भर्ती में अनियमितताओं के आरोप
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, रात 8:13 · अपडेट रात 8:22 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
केरल पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) में परीक्षा धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। क्राइम ब्रांच ने फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए PSC के चेयरमैन, सदस्यों और अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला नेमोम के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13(1)(ए) तथा अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
इस मामले में खास बात यह है कि पिछली परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में आरोपियों को सामूहिक रूप से "PSC सदस्यों" के रूप में पहचाना जाता था, लेकिन नई FIR में आरोपियों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है: PSC चेयरमैन, सदस्य और अधिकारी। ये अनियमितताएं केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज (Kufos) में आयोजित फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर की परीक्षा से जुड़ी हैं। सूत्रों के अनुसार, PSC चेयरमैन, सदस्यों और कुछ अधिकारियों ने चयन प्रक्रिया में हेराफेरी की ताकि उनके करीबी उम्मीदवारों को अनुचित रूप से उच्च रैंक दी जा सके। इसके कारण योग्य उम्मीदवारों से रोजगार का अवसर छिन गया और यह भी आरोप है कि आरोपियों ने इस प्रक्रिया के माध्यम से अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त किया है।
इसके अलावा, क्राइम ब्रांच ने असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की भर्ती में हुई अनियमितताओं के संबंध में भी एक अलग FIR दर्ज की है। यह शिकायत परुम्बवूर के एक निवासी ने की थी। इस मामले में आरोप है कि परीक्षा की अधिसूचना में बदलाव करके शैक्षिक योग्यता में दो अतिरिक्त कोर्स जोड़े गए थे। इस बदलाव के कारण ऐसे उम्मीदवार भी आवेदन कर सके जो आवश्यक शारीरिक फिटनेस मानकों को पूरा नहीं करते थे। इसके अलावा, यह गंभीर आरोप भी है कि प्रश्नपत्र के 45 प्रश्न दो अलग-अलग वेबसाइटों से शब्दशः कॉपी किए गए थे। इन सभी अनियमितताओं के परिणामस्वरूप अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई और उन्हें अनुचित लाभ मिला बताया जा रहा है।
वर्तमान PSC चेयरमैन एम.आर. बैजू का नाम इन दोनों FIR में सीधे तौर पर नहीं लिया गया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार क्राइम ब्रांच उन्हें इस जांच में आरोपी के रूप में जोड़ने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई से पहले PSC सचिव और आयोग के तीन सदस्यों से पूछताछ की गई थी, जिन्होंने अपने बयानों में चेयरमैन पर उंगली उठाई है।
प्रेस्टीज एस्टेट्स ने ₹519 करोड़ में ग्लोइन्ड विंटेज की पूरी हिस्सेदारी खरीदी
कंपनी की सहायक कंपनी प्रेस्टीज रिटेल वेंचर्स द्वारा यह ऑल-कैश लेनदेन किया गया है
चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के बीच रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से इस्तीफा मांगा
भाजपा के सम्मेलन में प्रसाद ने मतदाता सूची के संशोधन पर सवाल उठाने के लिए गांधी की आलोचना की
कोरिया ओपन 2026: तन्वी शर्मा ने जापानी खिलाड़ी को हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया
तन्वी ने मनामी सुइज़ु के खिलाफ 21-16, 12-21, 21-17 के स्कोर से जीत हासिल की।