अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन की हार के बाद ईरान ने दिया कड़ा जवाब
ईरान ने डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को युद्ध-विरोधी संदेश बताया और अमेरिका को चेतावनी दी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 12:30 · अपडेट सुबह 11:16 · 3 मिनट का पाठ
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अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। 3 नवंबर को हुए इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल कर लिया है। इन परिणामों के बाद ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि फिर से हमला किया गया, तो इस बार उसकी प्रतिक्रिया अधिक व्यापक और कठोर होगी। ईरान के नेताओं ने अमेरिकी मतदाताओं के इस निर्णय को युद्ध के विरोध के रूप में देखा है।
मतगणना के आंकड़ों के अनुसार, सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की आवश्यकता है, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 54 और रिपब्लिकन पार्टी ने 44 सीटें हासिल की हैं, जबकि 2 सीटों के परिणाम बाकी हैं। प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत थी, जिसमें डेमोक्रेट्स 228 सीटें जीत चुके हैं और रिपब्लिकन पार्टी 139 सीटों पर रही है। यहाँ 68 सीटों की गिनती बाकी होने के बावजूद डेमोक्रेट्स बहुमत हासिल कर चुके हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यदि अमेरिका इतिहास और तथ्यों से सीखने के बजाय जोखिम भरा रास्ता अपनाएगा, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी गलती के परिणाम पिछले अनुभवों की तुलना में अधिक गंभीर हो सकते हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने कहा कि वाशिंगटन में सत्ता पक्ष बदलने से ईरान के प्रति नीति बदल जाएगी, यह धारणा गलत है। उनके अनुसार, चुनाव के परिणामों से अमेरिका की दुश्मनी दूर नहीं होगी। होर्मुज की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि फिर से हमला हुआ तो ईरान बड़े पैमाने पर जवाब देगा।
संदेश (विदेश) की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव से पहले ट्रंप की ईरान पर तत्काल हमले की कोई योजना नहीं थी, फिर भी उन्होंने जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की तैयारी दिखाई थी। हालांकि, परिणामों के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि मतदान पर ईरान के साथ युद्ध का असर पड़ा हो सकता है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए युद्ध को एक कारण बताया था। मतदाताओं के लिए महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की कीमतें और ईरान युद्ध मुख्य चिंता के विषय थे, जिसके कारण ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई थी। डेमोक्रेट्स ने इन मुद्दों पर सरकार की आलोचना की थी।
अब डेमोक्रेट्स संसद में जांच कर सकते हैं और ट्रंप के कुछ फैसलों तथा सरकारी नियुक्तियों में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। फिर भी, राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पास कानून पर वीटो करने की शक्ति रहेगी। अतः, अमेरिका में आंतरिक राजनीतिक संघर्ष और ईरान के साथ तनाव बढ़ने की संभावना है।
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