IIT जोधपुर के मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी कोर्स में गैर-विज्ञान स्ट्रीम के छात्रों का उत्साह
पहले बैच में 1,200 से अधिक छात्रों को ऑफर लेटर दिए गए
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 4:18 · 3 मिनट का पाठ
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IIT जोधपुर के 'BS इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी' कोर्स में गैर-विज्ञान स्ट्रीम के छात्रों की ओर से उल्लेखनीय रुचि देखी गई है। संस्थान ने बताया कि इस कोर्स के पहले कोहोर्ट (बैच) के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें कुल 1,200 से अधिक छात्रों को ऑफर लेटर दिए गए थे। संस्थान के अवलोकन के अनुसार, हालांकि प्रवेश पाने वाले अधिकांश छात्र कक्षा 12 विज्ञान स्ट्रीम के हैं, लेकिन गैर-तकनीकी स्ट्रीम के छात्रों की संख्या भी काफी है। इन छात्रों ने मैनेजमेंट सोच के साथ तकनीकी दक्षता विकसित करना चुना है, ताकि वे इन दोनों विषयों को अलग-अलग ट्रैक के रूप में देखने के बजाय एक साथ सीख सकें।
NDTV द्वारा साझा की गई एक प्रेस विज्ञप्ति में IIT जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा, "जैसे-जैसे AI एंट्री-लेवल की भूमिकाओं को नया आकार दे रहा है, मैनेजमेंट सोच को तकनीकी दक्षता के साथ जोड़ने की क्षमता अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक बुनियादी आवश्यकता बन गई है।" उन्होंने आगे कहा कि गैर-विज्ञान स्ट्रीम के कई छात्रों ने इस बात को पहचाना है, जो बहुत उत्साहजनक है। संस्थान का मानना है कि यह रुझान दर्शाता है कि तकनीक को समझने की आवश्यकता अब केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जिन्होंने स्कूल में इसका अध्ययन किया हो।
इस कोर्स में प्रवेश पाने वाले बिहार के गोपालगंज जिले के विक्की नामक छात्र ने अपने अनुभव के बारे में बात की। उसने बताया कि कक्षा 12 में PCM (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित) न होने के कारण शुरू में वह यह कोर्स लेने में हिचकिचा रहा था, लेकिन अब यह एक उत्कृष्ट अनुभव साबित हो रहा है। विक्की के अनुसार, यहाँ के लेक्चर केवल सैद्धांतिक नहीं हैं, बल्कि प्रोफेसर इसमें वास्तविक दुनिया के उदाहरणों को भी शामिल करते हैं।
एक अन्य छात्र उत्कर्ष, जो NIFT की डिग्री के साथ यह प्रोग्राम कर रहा है, ने कहा कि पहले मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी का अध्ययन अलग-अलग तरीके से किया जाता था, जिसके लिए अलग डिग्री और अध्ययन के वर्षों की आवश्यकता होती थी। लेकिन यह प्रोग्राम दोनों को एक ही डिग्री में लाता है, और साथ ही IIT की डिग्री होने के कारण इसका मूल्य बढ़ जाता है।
कोर्स में प्रवेश पाने वाले निलय नामक छात्र ने प्रोग्राम की खुली पात्रता और फॉर्मेट पर जोर देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति स्ट्रीम की परवाह किए बिना आवेदन कर सकता है। उसकी राय में, यह कोर्स नेटवर्किंग और मेंटरशिप के अमूल्य अवसर प्रदान करता है। पहले बैच की सफलता के बाद, IIT जोधपुर अब दूसरे बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर रहा है और नए छात्रों के लिए प्रवेश स्वीकार कर रहा है।
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